
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के आबकारी एवं मध्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने शनिवार को गन्ना संस्थान, डालीबाग, लखनऊ में उच्च अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा की तथा वर्चुअल प्रतिभाग़ कर रहे सभी जिला आबकारी अधिकारियों (DEO) को वर्तमान वित्तीय वर्ष में आबकारी विभाग के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली करने के निर्देश दिए। उन्होंने विगत एक वर्ष में कम राजस्व वसूली वाले 10 जनपदों में कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, बुलंदशहर, हाथरस, मुरादाबाद, अलीगढ़, बरेली के जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने तथा मदिरा एवं भांग की दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एक हफ्ते का और अतिरिक्त समय देने का भी निर्देश दिया।
प्रदेश के पड़ोसी राज्यों की अवैध मदिरा के साथ कच्ची, मिलावटी व चोरी की शराब पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने को भी कहा। उन्होंने प्रदेश में कहीं पर भी मदिरा की ओवररेटिंग पर तथा औद्योगिक इकाइयों के संचालन में व्यवधान उत्पन्न करने व प्रताड़ित करने की शिकायत पर संबंधित जिला आबकारी अधिकारियों पर सख़्त करवाई करने को भी कहा। वहीं बिजनौर जनपद की मदिरा इंडस्ट्री के खिलाफ गैर जिम्मेदारीपूर्ण कार्रवाई पर वहां के जिला आबकारी अधिकारी के कार्यों की जांच कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आबकारी मंत्री ने कहा कि कहा कि वैट और जीएसटी के बाद सर्वाधिक राजस्व आबकारी विभाग से प्राप्त होता है। विगत 08 वर्षों में विभाग में काफी पारदर्शिता आयी है और जवाबदेही भी बढ़ी है। पूरे देश में प्रदेश का आबकारी विभाग अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन चुका है जिसे बनाए रखने के लिए सभी कार्मिक टीम भावना के साथ कार्य करें।
आबकारी मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग के लिए 63,000 करोड रुपए का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें माह फरवरी तक 50,585 करोड रुपए का राजस्व प्राप्त किया जा चुका है, इसी प्रकार फरवरी 2026 में 6,635.79 करोड रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा विगत माह फरवरी में 2,76,438 लीटर अवैध शराब पकड़ी भी गई ।
बैठक में अपर मुख्य सचिव आबकारी वीना कुमारी मीणा, आबकारी आयुक्त डॉ0 आदर्श सिंह, विशेष सचिव अभिषेक आनंद सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे तथा सभी जिला आबकारी अधिकारियों ने वर्चुअल प्रतिभाग़ किया।