
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : भारतीय कृषि चिंतन में भूमि को धरती माता ऐसे संबोधित किया है। हमारे प्राचीन ग्रंथो में इसके उदाहरण सहजता से पाए जाते है। अथर्वेद के भूमि सूक्त मे कहा गया है, ‘माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्याः।’ इसका भावार्थ है कि भूमि हमारी माता है एवं हम उस के पुत्र। तात्पर्य, भूमि के पोषण कि व्यवस्था करना हमारा कर्तव्य है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा ग्रामों में भूमि सुपोषण और उसके संरक्षण को लेकर लगातार कार्यक्रम किये जा रहे हैं।
शनिवार को चित्रकूट जनपद के कहेटा माफी के बलिया पुरवा में भूमि सुपोषण एवं संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन समाज शिल्पी दंपत्ति एवं ग्राम वासियों के सहयोग से किया गया। जिसमें ग्राम बलिया पुरवा के कृषकों एवं महिलाओं द्वारा अपने-अपने खेतों से कलश में मिट्टी भरकर कार्यक्रम स्थल तक लाया गया और वहां उनका विधिवत पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। पूजन के उपरांत उस मिट्टी को अपने अपने खेतों में छिड़काव किया गया। भूमि की उर्वरा शक्ति कैसे बनाएं रखी जाए तथा उसको प्रदूषित न किया जाए इस संदर्भ में ग्राम वासियों को बताया गया।

इस अवसर पर श्रद्धा पर्व के माध्यम से बुजुर्गों को भी सम्मानित किया गया। उनके अनुभव गांव, समाज को लाभ पहुंचाते है। इस कार्यक्रम में चार पीढ़ी के बच्चों ने अपने बड़े बुजुर्गों का पूजन किया तथा उनके आशीर्वाद लिए व उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प भी लिया।
दीनदयाल शोध संस्थान के स्वावलंबन अभियान के प्रभारी डॉ अशोक पांडे ने बताया कि समाज शिल्पी दंपति एवं संस्थान के कार्यकर्ता ग्राम स्तर तक जाकर इस कार्यक्रम में ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारतीय कृषि चिंतन, भूमि सुपोषण एवं संरक्षण इन संकल्पनाओं को कृषि क्षेत्र में पुनःस्थापित करना है। जन अभियान में प्राधान्यतः भूमि सुपोषण, जन जागरण एवं भारतीय कृषि चिंतन एवं भूमि सुपोषण को बढ़ावा देने संबंधित कार्यक्रम किए जा रहे है।

इस कार्यक्रम में दीनदयाल शोध संस्थान के स्वावलंबन अभियान प्रभारी डॉ अशोक पांडे एवं श्रीमती सीमा पांडे, मनोज त्रिपाठी एवं श्रीमती पदमा त्रिपाठी संकुल प्रभारी उपस्थित रहे। गांव के गणमान्य लोगों में गया प्रसाद यादव, चंदन यादव, शत्रुघ्न यादव, श्रीमती मंजू सिंह तथा नाथू यादव उपस्थित रहे। समाज शिल्पी दंपति देवेंद्र पयासी, प्रिया पयासी के साथ बड़ी संख्या में किशोरी बच्चियों एवं बच्चे तथा गांव के लोग उपस्थित रहे।
