राष्ट्रकवि दिनकर की “रश्मिरथी” पुस्तक की हीरक जयंती वर्ष पर मनाए जाएंगे तीन दिवसीय कार्यक्रम : मंत्री शाही

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : शनिवार को लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ के हीरक जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 24 से 26 अप्रैल 2026 तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ का आयोजन किया जाना है। यह आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास, नई दिल्ली द्वारा सांस्कृतिक कार्य विभाग के सहयोग से संपन्न होगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘अमृतकाल’ संकल्पों के अनुरूप यह आयोजन देश की सांस्कृतिक विरासत, महापुरुषों के आदर्शों और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महापुरुषों के जीवन पर आधारित नाट्य एवं काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभावना जागृत करने का विशेष आग्रह किया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि 24 अप्रैल को राष्ट्रकवि दिनकर की पुण्यतिथि के अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ होगा, जिसमें ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। इसके उपरांत ‘रश्मिरथी’ पर आधारित दानवीर कर्ण के जीवन प्रसंगों पर भव्य नाट्य मंचन प्रस्तुत किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य जन सहभागिता करेंगे।

कार्यक्रम के द्वितीय दिवस 25 अप्रैल को युवा प्रेरणा के स्रोत स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों एवं सांस्कृतिक भारत के निर्माण में उनके योगदान पर राष्ट्रीय परिसंवाद तथा नाट्य मंचन आयोजित होगा। तृतीय दिवस 26 अप्रैल को स्वराज के प्रणेता बाल गंगाधर तिलक के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन के साथ ही भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका ‘अटल स्वरांजलि’ प्रस्तुत की जाएगी।

कृषि मंत्री शाही ने बताया कि तीनों दिवसों में प्रतिदिन सायं 5:30 बजे से कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें राष्ट्रीय परिसंवाद, नाट्य मंचन, काव्य प्रस्तुति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहेंगे। इसके साथ ही सुप्रसिद्ध चित्रकार सरदार मनजीत सिंह द्वारा राष्ट्रकवि दिनकर, स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य तिलक एवं अटल जी के जीवन और साहित्य पर आधारित चित्रकला प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र होगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि ‘रश्मिरथी’ केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समरसता और आत्मसम्मान का जीवंत दस्तावेज है, जो आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम है। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं में कर्तव्यबोध, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना को सशक्त किया जाएगा।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ में सहभागिता कर महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा प्राप्त करें और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास दिल्ली के अध्यक्ष नीरज कुमार सहित न्यास के अन्य सदस्यों उपस्थित थे।

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