
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / गोंडा : पूर्वाेत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल द्वारा यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं परिचालनिक सुगमता हेतु मूलभूत ढ़ांचे में विस्तार के क्रम में गोंडा-बुढ़वल खंड पर बुढ़वल-घाघराघाट रेलखण्ड (11.77 किमी.) के मध्य का 25,000 वोल्ट ए.सी क्षमता के तीसरी नई विद्युतकर्षण लाइन के संरक्षा परीक्षण में सोमवार रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वाेत्तर परिमंडल प्रणजीव सक्सेना द्वारा लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबन्धक गौरव अग्रवाल एवं पूर्वाेत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण अभय कुमार गुप्ता, मुख्य विद्युत इंजीनियर/निर्माण ओ.पी.सिंह, मुख्य इंजीनियर/टीएमसी संजय यादव, मुख्य विद्युत वितरण इंजीनियर सुरेश कुमार, मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर/प्लानिंग निलाभ महेश तथा समेत मंडल व निर्माण संगठन के अधिकारियों की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के आरम्भ में रेल संरक्षा आयुक्त बुढ़वल जं0 रेलवे स्टेशन से अधिकारियों के साथ मोटर ट्राली से बुढ़वल जं0-घाघरा घाट के रेल खण्ड के मध्य बनी तीसरी नई लाइन के संरक्षा निरीक्षण हेतु रवाना हुए।

तदुपरांत बुढ़वल-घाघराघाट के मध्य ब्रिज सं0 393 एवं 392 तथा घाघरा नदी पर बने मेजर ब्रिज 391 की संरचनात्मक सुरक्षा, ट्रैक एलाइनमेंट, बेयरिंग एवं एक्सपेंशन सिस्टम आदि सुरक्षा एवं संरक्षा बिन्दुओं का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने समपार सं0 303 स्पेशल का अवलोकन किया तथा डयूटी पर तैनात गेटमैन से संरक्षा संबंधी प्रश्न पूछकर संरक्षा कार्य कुशलता परखी।
निरीक्षण के अन्त में रेल संरक्षा आयुक्त ने घाघराघाट-बुढ़वल के मध्य तृतीय विद्युतकर्षण युक्त रेल लाइन पर सीआरएस स्पेशल ट्रेन द्वारा 120 किमी प्रति घंटे की अनुमेय गति से सफल स्पीड ट्रायल किया।
गोंडा-बुढ़वल खंड पर तीसरी रेल लाइन का कार्य चार चरणों में पूरा किया जाना है। जिसमें गोण्डा कचहरी- बुढ़वल के मध्य रेल खण्ड (57.19 किमी.) का कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना के अन्तिम चतुर्थ चरण में गोंडा जं.-गोंडा कचहरी (4.88 किमी.) खंड का कार्य प्रगति पर है।

इस अवसर पर लखनऊ मण्डल के वरिष्ठ मण्डल परिचालन प्रबंधक, वरिष्ठ मण्डल संरक्षा अधिकारी, वरिष्ठ मण्डल इंजीनियर/तृतीय, वरिष्ठ मण्डल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर, वरिष्ठ मण्डल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी), वरिष्ठ मण्डल विद्युत इंजीनियर (परिचालन) एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।