आईआईएम लखनऊ में उद्योग अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू, ज़िला स्तर पर निवेश प्रोत्साहन को मिलेगी रफ़्तार

अशोक यादव, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के जिलास्तरीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी ने भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) लखनऊ में पाँच दिवसीय ‘क्षमता-विकास कार्यशाला’ (Capacity-Building Workshop) का आयोजन किया है। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम बैच का शुभारंभ आज हुआ, जिसमें प्रदेश भर के जिला उद्योग केंद्रों (DIC) के उद्योग उपायुक्तों, संयुक्त आयुक्तों, क्षेत्रीय प्रबंधकों और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के नोडल अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस पहल का मुख्य लक्ष्य क्षेत्रीय एवं जिला स्तर पर निवेश प्रोत्साहन तंत्र को अधिक प्रभावी और परिणाम-केंद्रित बनाना है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों के नेतृत्व और कार्यक्षमता को बढ़ाना है। इसके ज़रिए उन्हें लीडरशिप, रणनीतिक सोच और संसाधनों के सही इस्तेमाल का हुनर सिखाया जाएगा, ताकि ज़िलों में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और बेहतर बनाकर निवेशकों को हर संभव मदद दी जा सके।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास), आलोक कुमार ने कहा कि राज्य के विकास में ज़िला स्तरीय नेतृत्व की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से आधुनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अपनाने और निवेशकों को बिना किसी बाधा के सहयोग देने पर ज़ोर दिया। उन्होंने पुरानी कार्यशैली को छोड़कर निरंतर सीखने और नई ज़रूरतों के अनुसार खुद को ढालने की आवश्यकता बताई।

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: इस कार्यक्रम में अधिकारियों को परिवर्तनकारी नेतृत्व, रणनीतिक सोच, वित्तीय साक्षरता और संवाद कौशल जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। विशेष रूप से, प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई तकनीकों के इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

उद्घाटन के अवसर पर इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती प्रेरणा शर्मा, आईएम लखनऊ के डीन प्रो. संजय सिंह और प्रोग्राम निदेशक प्रो. क्षितिज अवस्थी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 मई 2026 तक तीन बैचों में चलेगा, जिसमें कुल 122 अधिकारी हिस्सा लेंगे।

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