
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक, रोजगारपरक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए योगी सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने मंगलवार को सचिवालय के नवीन भवन के प्रथम तल स्थित तिलक हॉल में प्राविधिक शिक्षा विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, तकनीकी विश्वविद्यालयों एवं इंजीनियरिंग तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता, निर्माण कार्यों, भर्ती, प्लेसमेंट तथा वित्तीय प्रगति की समीक्षा की गई।
मंत्री आशीष पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाओं, छात्रावासों, ऑडिटोरियम और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां छात्रावास एवं ऑडिटोरियम की कमी है, वहां शीघ्र कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कराया जाए।
मंत्री पटेल ने कहा कि तकनीकी संस्थानों की वास्तविक पहचान विद्यार्थियों के बेहतर प्लेसमेंट से होती है। इसलिए प्रत्येक संस्थान अपने प्लेसमेंट रिकॉर्ड में उल्लेखनीय सुधार लाए तथा उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट पोर्टल को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा बड़े स्तर पर रोजगार मेलों के आयोजन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में तेजी से बदलती तकनीकों के अनुरूप शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, मेकाट्रॉनिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में फैकल्टी को प्रशिक्षित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान उपलब्ध हो सके।

बैठक में विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में लंबित भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी चयन प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की मंशा है कि नियुक्तियों और स्थानांतरण सहित प्रत्येक प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह हो।
वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने उपलब्ध बजट का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान 10 वर्षीय विकास कार्ययोजना तैयार करें, जिससे प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके।
बैठक में प्रमुख सचिव, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक, इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।