
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मझगवां : दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां द्वारा क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र-मध्य क्षेत्र, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (NMPB), आयुष मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के सहयोग से ग्राम पंचायत नकैला में “औषधीय पौधों की उन्नत खेती, प्रसंस्करण एवं उपयोग” विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को औषधीय पौधों की वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा विपणन संबंधी जानकारी प्रदान कर उनकी आय में वृद्धि के नए अवसर उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित अतिथियों एवं किसानों ने ग्रामीण स्वावलंबन, आत्मनिर्भर कृषि तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम में मुख्य विशेषज्ञ के रूप में डॉ. ज्ञानेन्द्र तिवारी (प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर कम प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, भारत सरकार, क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र-मध्य क्षेत्र [मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़], जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर) उपस्थित हुए। उन्होंने किसानों को औषधीय पौधों की बढ़ती राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मांग, उनकी व्यावसायिक संभावनाओं तथा वैज्ञानिक उत्पादन तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अश्वगंधा, कालमेघ, तुलसी, शतावरी, सर्पगंधा, ब्राह्मी, गिलोय एवं सफेद मूसली जैसी औषधीय फसलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने औषधीय पौधों के प्रसंस्करण, गुणवत्ता प्रबंधन, भंडारण तथा विपणन संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। डॉ. तिवारी के सहयोगी डॉ. सचिन नागरे ने औषधीय फसलों के उन्नत उत्पादन, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा बाजार संभावनाओं के विषय में किसानों को जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय डॉ. हेमराज द्विवेदी कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए कृषि विविधीकरण एवं अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बन सकती है तथा राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर किसान इस क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

इस अवसर पर बरौंधा मण्डल अध्यक्ष कामता यादव, समाजशिल्पी दम्पत्ति उदय यादव एवं श्रीमती सरोज यादव तथा रामदत्त पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने किसानों को प्राकृतिक एवं औषधीय खेती अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसानों को विभिन्न औषधीय पौधे एवं रोपण सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे वे अपने खेतों एवं गृह वाटिकाओं में इनका रोपण कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। विशेषज्ञों द्वारा किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए औषधीय फसलों की बाजार संभावनाओं एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में ग्राम नकैला एवं आसपास के क्षेत्रों से आए 106 किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।