राम नवमी के खास मौके पर सन नियो के कलाकारों ने साझा की अपने दिल की बात

सूर्योदय भारत समाचार सेवा : भारत में त्यौहार सिर्फ खुशी मनाने का मौका नहीं होते, बल्कि ये भावनाओं, आस्था और उन संस्कारों से भी जुड़े होते हैं, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं। राम नवमी ऐसा ही एक पावन पर्व है, जो भगवान राम के जन्म का उत्सव मनाता है और हमें सत्य, शक्ति और धर्म के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। इस खास दिन पर सन नियो के कलाकारों ने इस त्यौहार के महत्व और अपने सरल, लेकिन खास सेलिब्रेशंस को लेकर खुलकर बात की।

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी में दिव्या का किरदार निभा रहीं मेघा रे ने कहा, “राम नवमी मेरे लिए बहुत विशेष त्यौहार है, क्योंकि यह अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है और हमें भगवान राम के सत्य, धैर्य और धर्म जैसे गुणों की याद दिलाता है। मैं इस दिन की शुरुआत पूजा से करती हूँ और कोशिश करती हूँ कि परिवार के साथ समय बिता सकूँ। शूटिंग में व्यस्त होने के बावजूद, मैं थोड़ा समय निकालकर भगवान का धन्यवाद् करती हूँ और सकारात्मक रहने की कोशिश करती हूँ। ऐसे त्यौहार मन को शांति देते हैं और हमें अपनी जड़ों और भीतर की ताकत से जोड़े रखते हैं। दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी जैसे शो का हिस्सा होना, जिसमें आस्था और रहस्य दोनों हैं, इस त्यौहार को मेरे लिए और भी खास बना देता है। यह हमें जीवन में सही रास्ता चुनने और जमीन से जुड़े रहने की सीख देता है।”

सत्या साची में साची का किरदार निभा रहीं भाग्यश्री मिश्रा ने कहा, “मेरे लिए राम नवमी आस्था और सकारात्मकता का त्यौहार है। मेरा मानना है कि भगवान राम का जीवन हमें हर हाल में मजबूत और शांत रहना सिखाता है। मैं इस दिन को बहुत सरल तरीके से मनाती हूँ। पूजा करती हूँ, प्रसाद बनाती हूँ और कभी-कभी रामायण के एपिसोड भी देखती हूँ, जो मुझे बहुत अच्छे लगते हैं। अब साची जैसा किरदार निभाना, जो सच और शक्ति में विश्वास रखती है, इस त्यौहार को मेरे लिए और भी खास बना देता है। मुझे लगता है कि राम नवमी जैसे त्यौहार हमें विनम्र, मजबूत और दयालु बने रहने की याद दिलाते हैं। यह सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि अपने विश्वास और संस्कारों से फिर से जुड़ने का एक सुंदर तरीका है।”

देखिए दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी शाम 7:30 बजे और सत्या साची रात 8:00 बजे, सिर्फ सन नियो पर।

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