
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार आयोजित प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन डॉ0 सी0पी0 राय-पूर्व मंत्री ने भाजपा सरकार के मंत्रियों, सांसदों एवं विधायकों की संपत्तियों की जांच कराए जाने की मांग की है। प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी लखनऊ के अध्यक्ष रूद्र दमन सिंह बबलू, शहर कांग्रेस कमेटी उत्तरी के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी मौजूद रहे।
डॉ0 राय ने कहा कि प्रदेश भर में जहां कहीं भी अपराधिक या दुःखद घटना होती है उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय घटना स्थल पर पहुंचकर पीड़ितों का कुशलक्षेम व घटना की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त करने एवं हरसंभव मदद करने के उद्देश्य से पहुंचे हैं।
विगत दिनों जनपद महोबा में अपराधियों द्वारा एक दलित छात्रा का अपहरण कर 16 दिनों तक बंधक बनाकर न सिर्फ दुष्कर्म किया गया बल्कि उसके साथ नरभक्षीय व्यवहार भी किया गया। इतनी बड़ी अमानवीय घटना पर सरकार का कोई नुमाइंदा पीड़िता के घर तक नहीं पहुँचा किन्तु जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय जी पीड़ित का दुःख साझा करने उसके घर जा रहे थे तो प्रशासन द्वारा उन्हें जबरिया रोकने की हर संभव कोशिश की गई मगर वह किसी तरह पीड़िता के घर पहुँचे और इस अमानवीय घटना के विरोध में सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया जिससे भाजपा सरकार पूरी तरह से बौखला गई और न सिर्फ एआई जेनरेटेड एक ऐसा वीडियो बनाया और प्रचारित किया कि अजय राय ने प्रधानमंत्री के विरूद्ध अंससदीय भाषा का प्रयोग किया है और इसी पेशबंदी में फर्जी मुकदमा भी दर्ज करा दिया।
इतने से भी भाजपा सरकार जब संतुष्ट नहीं हुई तो उसने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की आवाज दबाने, उत्पीड़न करने और लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोटने के उद्देश्य से अनवरत भाजपा सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों एवं नेताओं द्वारा बकायदा प्रेसवार्ता करके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष संपत्ति की जांच की मांग की जा रही है और उनकी स्वच्छ छवि को धूमिल करने के लिए तमाम प्रकार के दुष्प्रचार व षडयंत्र किये जा रहे हैं।
डॉ0 राय ने कहा कि प्रदेश की संवेदनहीन भाजपा सरकार जो खुद तो पीड़िता का दुख साझा करने की संवेदना नहीं रखती वह अजय राय के जाने से इतना व्याकुल हो गयी कि पूरे प्रदेश में सरकार की शह पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनके इस मानवीय और मार्मिक कार्य के विरोध में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यकर्ता ही नहीं सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक भी आगे आकर प्रदेश अध्यक्ष का विरोध करने लगे। बौखलाई सरकार के नुमांइदों ने अजय राय के खिलाफ उनकी संपत्ति की जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि हास्यास्पद यह है कि आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी यह सरकार और उनके मंत्री, सांसद और विधायक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की संपत्ति की जांच की मांग कर रहें हैं जबकि राय का सारा सार्वजनिक जीवन खुली किताब की तरह है।
अभी दो दिनों पूर्व ही आगरा नगर निगम ने प्राइवेट बिजली कंपनी टोरेंट का 430 करोड़ रूपये माफ किए हैं, इसके पहले हजारों करोड़ रूपये पूंजीपतियों के माफ कर उनसे भाजपा ने वसूली की है। कांग्रेस पार्टी बहुत पहले से ही यह सिद्ध कर चुकी है कि भाजपा सरकार काम लो-चंदा दो, तथा ईडी, आयकर, सीबीआई के छापों से वसूली की नीति बना चुकी है, इससे बड़ा भ्रष्टाचार का उदाहरण भला और क्या हो सकता है ?
आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई भारतीय जनता पार्टी की सरकार को वाकई अगर भ्रष्टाचार को बेनकाब करना है और उनमें अगर साहस है तो अपने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की संपत्ति की जांच करा ले, यह पता चल जाएगा कि पिछले 9 सालों में इस प्रदेश में किस प्रकार और कितनी लूट हुई है।
मिड-डे मील से लेकर सड़कों तक, अस्पताल की दवाईयों से लेकर मनरेगा तक चारो तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। यहां तक कि इन लोगों ने प्रभु राम की नगरी अयोध्या तक को नहीं छोड़ा है। न सिर्फ मंदिर के चंदे पर लूट हुई है बल्कि जितना अयोध्या में विकास नाम पर धन उगाही हुई है वह सबके सामने है। इतना ही नहीं भ्रष्टाचार का ही परिणाम है कि हमीरपुर में बेतवा नदी पर 90 करोड़ की लागत से 700 मीटर लम्बे निर्माणाधीन ब्रिज एक आंघी का झांेका न सह सका और भरभराकर गिर गया जिसमें बेगुनाह 6 श्रमिकों की दुःखद मृत्यु हो गई और कई गंभीर रूप से घायल होकर जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहे हैं।
डॉ0 राय ने कहा कि हम लोग राहुल गांधी जी के सिपाही हैं। हम सार्वजनिक जीवन में पूरी तरीके से शुचिता बरतते हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार चाहे जिस एजेंसी से हमारी जांच करा ले, मगर शर्त यह है कि उन्हीं एजेंसियों से भाजपा सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की भी जांच होनी चाहिए।
