
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के द्वारा उद्यमिता विद्यापीठ के माध्यम से महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के विद्यार्थियों हेतु मंगलवार को उद्यमिता विद्यापीठ में फ्रूट एंड वेजिटेबल प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फल एवं सब्जी प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीकों, खाद्य संरक्षण, मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता नियंत्रण तथा स्वरोजगार के अवसरों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को जैम, जेली, अचार, स्क्वैश, कैंडी एवं अन्य खाद्य उत्पादों के निर्माण की तकनीकों से अवगत कराया जाएगा।

प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग प्रशिक्षण केन्द्र के प्राचार्य मनोज सैनी ने कहा कि कृषि आधारित उत्पादों के प्रसंस्करण से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित होते हैं। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सफल उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगा।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए इसे अपने कौशल विकास एवं भविष्य के रोजगार के लिए उपयोगी बताया। यह कार्यक्रम युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम का संचालन फील्ड समन्वयक रमाशंकर शुक्ला द्वारा किया गया तथा फ्रूट प्रोसेसिंग के प्रशिक्षक नत्थू प्रसाद कुशवाहा उपस्थित रहे।