
अशोक यादव, लखनऊ : लखनऊ में आयोजित नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट – उत्तर प्रदेश का शुभारंभ उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम सहित सरकार, उद्योग, बैंकिंग, शिक्षण संस्थानों तथा कौशल विकास से जुड़े अनेक विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। होटल सेंट्रम में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में कौशल विकास, शिक्षा और नवाचार के माध्यम से भविष्य के कार्यबल को तैयार करने पर व्यापक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल प्रदान कर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक मंडल में सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, पीसीएस अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों और बैंकरों की एक समिति गठित की जाए जो कौशल केंद्रों का निरीक्षण कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री सलाहकार ने बताया कि गोरखपुर में महाराणा प्रताप प्रौद्योगिकी संस्थान में लगभग 48 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जहां एआई, साइबर सुरक्षा, 3डी प्रौद्योगिकी और ड्रोन तकनीक जैसे क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस केंद्र का उद्घाटन 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।
प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और कौशल विकास को एक साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान प्रदान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे व्यवहारिक रूप से लागू करने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि मिशन के माध्यम से 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में 30 से अधिक क्षेत्रों और लगभग 500 जॉब रोल में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है।
कार्यक्रम के दौरान डिजिटल लर्निंग पत्रिका के नवीन संस्करण का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों, उद्योगों, बैंकिंग संस्थानों और नीति विशेषज्ञों ने भाग लेकर शिक्षा, कौशल और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी को मजबूत बनाने पर चर्चा की।
समिट में सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और कौशल विकास से जुड़े अनेक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और प्रदेश में कौशल विकास के सशक्त इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में विचार-विमर्श किया।
