
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, श्रीगंगानगर : अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल स्थित श्रीगंगानगर स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का प्रथम चरण लगभग पूर्ण हो चुका है। लगभग 20.60 करोड़ रुपए की लागत से किए जा रहे पुनर्विकास कार्यों में करीब 99 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। स्टेशन के पुनर्विकास से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने के साथ-साथ क्षेत्र के स्थानीय व्यापार, पर्यटन, हस्तशिल्प एवं रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्टेशन भवन में व्यापक सुधार के साथ स्टेशन के प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग मार्ग, बाउंड्री वॉल, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण तथा दोपहिया एवं चौपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की सुविधा विकसित की गई है। बुकिंग ऑफिस, रिटायरिंग रूम आदि में सुधार के साथ नए टॉयलेट ब्लॉक भी बनाए गए हैं। स्टेशन के सौंदर्यीकरण के लिए एलईडी लाइटिंग एवं दीवारों पर आकर्षक आर्टवर्क किया गया है। दिव्यांगजनों की सुगमता को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त साइनेज की व्यवस्था भी की गई है।
यात्रियों को बेहतर एवं आधुनिक सूचना सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टी लाइन डिस्प्ले बोर्ड, सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़ी एलईडी स्क्रीन तथा जीपीएस आधारित डिजिटल क्लॉक लगाए गए हैं।
श्रीगंगानगर स्टेशन पर 12 मीटर चौड़े फुटओवर ब्रिज का निर्माण भी किया जा रहा है। लगभग 9.98 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाले इस कार्य का 93 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।

स्टेशन की ऊर्जा आवश्यकताओं एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 22.5 लाख रुपए की लागत से सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। इससे स्टेशन पर हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रकाश व्यवस्था सहित तकनीकी रेल कार्यों के संचालन में भी सहायता मिलेगी।
स्थानीय व्यापार और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
श्रीगंगानगर क्षेत्र किन्नू, सरसों सहित विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए अपनी विशेष पहचान रखता है। स्टेशन के पुनर्विकास एवं बेहतर यात्री सुविधाओं के साथ स्थानीय व्यापारियों को अपने उत्पादों के परिवहन एवं निर्यात में सुगमता मिलेगी। इससे स्थानीय उत्पादों के व्यापार को नई गति मिलने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।
स्टेशन के आधुनिक स्वरूप से क्षेत्र में आने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। इससे पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प एवं कला को बढ़ावा मिलने के साथ क्षेत्र की लोकप्रियता में भी वृद्धि होगी।
पुनर्विकास कार्यों के दौरान स्थानीय कारीगरों एवं मजदूरों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। भविष्य में व्यापार एवं पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
इस प्रकार अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत श्रीगंगानगर स्टेशन का पुनर्विकास केवल यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन, पर्यटन, हस्तशिल्प, रोजगार तथा क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
