
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, वाराणसी : यात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित एवं निर्बाध रेल यात्रा उपलब्ध कराने तथा कोचों के अनुरक्षण की गुणवत्ता का आकलन करने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन ने शुक्रवार 10 जुलाई को शिव गंगा एक्सप्रेस की रेक का गहन संरक्षा निरीक्षण किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर अभिषेक राय, मंडल यांत्रिक इंजीनियर विनीत रंजन, कोचिंग डिपो अधिकारी हरिशंकर प्रसाद सहित कोचिंग डिपो के वरिष्ठ पर्यवेक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक जैन ने कोचों के ब्रेकिंग सिस्टम, ब्रेक बाइंडिंग के कारण एवं उसके समाधान, FIBA(फेलियर इंडिकेशन और ब्रेक लगाना) सिस्टम, FSDS (आग और धुएं का पता लगाने वाला सिस्टम), ACP(अलार्म चेन पुलिंग सिस्टम) तथा उसे रीसेट करने की प्रक्रिया, इकोनॉमी कोच के आईसी स्लाइडिंग दरवाजों की कार्यप्रणाली, ब्रेक कैलीपर्स, ब्रेक सिलेंडर, डर्ट कलेक्टर, लुब्रिकेशन, आइसोलेशन सहित कोचों के अनुरक्षण एवं रखरखाव से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का बारीकी से अवलोकन किया।
इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इन सभी प्रणालियों की कार्यप्रणाली, अनुरक्षण प्रक्रिया तथा सुरक्षा मानकों के अनुरूप उनके रखरखाव की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता एवं कार्य निष्पादन का भी निरीक्षण किया।

मंडल रेल प्रबंधक जैन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कोचों का अनुरक्षण निर्धारित मानकों के अनुरूप, उच्च गुणवत्ता एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि संरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अनुरक्षण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।

उन्होंने सभी सुरक्षा एवं तकनीकी प्रणालियों की नियमित जांच, सतत निगरानी तथा गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष बल देते हुए कहा कि उत्कृष्ट अनुरक्षण ही यात्रियों की सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा की आधारशिला है।