बीबीएयू में ‘पादप स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा’ पर विशेष व्याख्यान : प्रो. सर्ज सावेरी ने साझा किए महत्वपूर्ण विचार

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार 8 जून को ऐमीनेंट लेक्चर समिति, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं सतत् विकास लक्ष्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में ऐमीनेंट लेक्चर सीरीज के अंतर्गत ‘पादप स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा (Plant Health and Food Security) विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के तौर पर प्रसिद्ध प्लांट पैथोलॉजिस्ट एंड सिस्टम एनालिस्ट एवं फूड सिक्योरिटी जरनल के एडीटर-इन-चीफ प्रो. सर्ज सावेरी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एस. विक्टर बाबू, ऐमीनेंट लेक्चर सीरीज समिति की अध्यक्ष प्रो. शिल्पी वर्मा एवं सतत् विकास लक्ष्य समिति के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा मौजूद रहे। मंच संचालन का कार्य डॉ. प्रीति गुप्ता द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि एवं फूड सिक्योरिटी जरनल के एडीटर-इन-चीफ प्रो. सर्ज सावेरी ने अपने व्याख्यान में पौधों को होने वाली विभिन्न प्रकार की क्षतियों तथा रोगों एवं कीटों से होने वाले नुकसान के तंत्र पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शोध कार्यों में प्रयुक्त जेनेरिक मॉडलिंग फ्रेमवर्क, क्षति आकलन (Injury Function) तथा फील्ड डेटा की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के उपायों की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने पौध रोग महामारी विज्ञान (Plant Disease Epidemiology) की अवधारणाओं, महामारी को समझने की प्रक्रिया तथा इसके प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त प्रो. सावेरी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानव समाज के विकास और स्थिरता का एक महत्वपूर्ण आधार है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एस. विक्टर बाबू ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ अधिकांश जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। उन्होंने खाद्यान्न उत्पादन में किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भोजन हमारे जीवन का आधार है, इसलिए इसकी बर्बादी से बचना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने खाद्य सुरक्षा एवं पादप स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रश्न मुख्य अतिथि के समक्ष रखे। मुख्य अतिथि ने इन प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

अंत में आयोजन समिति की ओर से मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट करके उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही डॉ. प्रीति गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

समस्त कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, गैर शिक्षण अधिकारी एवं कर्मचारी और शोधार्थी मौजूद रहे।

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