
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट द्वारा “वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में ऊर्जा संरक्षण में हमारी भूमिका” पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महंत माधव दास करह आश्रम एवं मुख्य वक्ता के रूप में डॉ भरत मिश्रा पूर्व कुलगुरु महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय एवं वक्ता के रूप में इं आंजनेय पांडेय कुलसचिव महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय, प्रो अमरजीत सिंह अधिष्ठाता प्रबंधन संकाय उपस्थित रहे। संगोष्ठी में शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं समाजसेवियों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का संचालन एवं कार्यक्रम के उद्देश्य की विस्तृत जानकारी डॉ मनोज त्रिपाठी वरिष्ठ शोध अधिकारी एवं प्रभारी शोध आरोग्यधाम द्वारा प्रदान की गई। प्रो भरत मिश्रा ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है इसलिए हम सबको इसको करना चाहिए। महंत माधव दास ने कहा कि हमें तमोगुण छोड़कर रजोगुण एवं सतोगुण वाली ऊर्जा संरक्षित करनी चाहिए, वाणी पर संयम रखना चाहिए। हनुमान जी महाराज ने सबसे अधिक ऊर्जा का संचय किया है तभी वह समुद्र पार कर वापस आ सके। अतः हमें आंतरिक एवं वाह्य दोनों क्षेत्र की ऊर्जा का संरक्षण एवं संचय करना चाहिए।
प्रो आंजनेय पांडे ने कहा कि हमें ऊर्जा के नवीनीकृत स्रोतों का उपयोग अधिक अधिक करना चाहिए। प्रो अमरजीत सिंह ने कहा कि ऊर्जा के दुरुपयोग के कारण आज ग्लोबल वार्मिंग जैसी स्थितियां पैदा हो रही है जिसके लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं और यदि अभी नहीं चेते तो भविष्य में कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ अशोक पांडे द्वारा किया गया। कार्यक्रम में दीनदयाल शोध संस्थान के महाप्रबंधक डॉ अनिल जायसवाल, उद्यमिता विद्यापीठ प्रभारी मनोज सैनी, सुरेंद्र पाल विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र श्रीवास्तव, वरिष्ठ व्याख्याता अशोक दीक्षित सहित विद्यालय के अनेक शिक्षक एवं शोधार्थी विशेष रूप से उपस्थित रहे।