
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मझगवां : दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों के खेतों पर ‘निदान भ्रमण’ एवं संतुलित उर्वरक उपयोग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मैहर जिले के रामनगर विकासखंड में वैज्ञानिकों ने फसलों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन दिया। भ्रमण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक पंकज शर्मा एवं अशोक कुमार शर्मा ने किसानों को मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
वैज्ञानिकों ने जोर देते हुए कहा कि अंधाधुंध खाद के उपयोग के बजाय मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ‘संतुलित उर्वरक’ का प्रयोग करना चाहिए। इससे न केवल लागत कम होती है, बल्कि भूमि की उर्वरक शक्ति भी बनी रहती है।

इस अवसर पर विकासखंड रामनगर के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी संजय सिंह ने कृषकों को ई विकास पोर्टल से उर्वरक वितरण प्रणाली की जानकारी दी। ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी अमरेंद्र मिश्रा और कृषि विस्तार अधिकारी श्रीमती प्रेमलता ने भी किसानों को विभागीय योजनाओं और उद्यानिकी फसलों के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में क्षेत्र के 45 कृषक बंधु उपस्थित रहे, कृषकों को अपनी कृषि संबंधी समस्याओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया एवं वैज्ञानिकों ने कीट प्रबंधन और आगामी फसलों की तैयारी को लेकर धान की सीधी बुआई एवं उन्नतशील किस्मों की विस्तार से जानकारी साझा की तथा जायद फसल तिल उड़द मूंग की फसलों में कृषकों को समसामयिक जानकारी दी गई।