बीबीएयू में हुआ द्विदिवसीय नवभारत लोकमंथन 2.0 संसदीय वाद -‌ विवाद प्रतियोगिता का समापन

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में बुधवार 6 मई को विधि विभाग द्वारा ‘लोकतंत्र, राजनीति और पारदर्शिता’ विषय पर आयोजित आयोजित नवभारत लोकमंथन 2.0 संसदीय वाद -‌ विवाद प्रतियोगिता का समापन हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल द्वारा की गयी। इसके अतिरिक्त मंच पर विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शन वर्मा एवं डॉ. अनीस अहमद उपस्थित रहे। इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के 60 से भी अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने आयोजन समिति को इस प्रकार के सार्थक एवं प्रभावशाली कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु हार्दिक बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कानून केवल नियमों का संकलन नहीं, बल्कि यह समाज को नई दिशा और दृष्टि प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने संविधान में निहित नीति-निर्देशक तत्वों, मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी हमें हमारे सामाजिक दायित्वों का बोध कराते हैं और यह सिखाते हैं कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हम समाज के विकास में किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही उन्होंने इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों को विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं नैतिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शन वर्मा ने चर्चा के दौरान कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को एक प्रभावी एवं सशक्त मंच प्रदान करते हैं, जहाँ वे आत्मविश्वास के साथ अपने विचारों को अभिव्यक्त कर सकते हैं और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं। प्रो. वर्मा ने इस सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति को हार्दिक बधाई दी तथा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।

 समस्त प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने विचार, शोध एवं तर्क प्रस्तुत किए जिनका मूल्यांकन विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान सर्वश्रेष्ठ वक्ता का खिताब कार्तिकेय शुक्ला ने हासिल किया। इसके अतिरिक्त राजपाल, श्रेयांशी सिंह एवं विनायक नाथ को स्पेशल मेंशन का पुरस्कार मिला। साथ ही हाई कमेंडेशन का पुरस्कार अविरल द्विवेदी एवं स्पेशल रिकग्निशन का पुरस्कार विशाल पाल ने हासिल किया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सूफिया अहमद, डॉ. मुजीबुर्रहमान, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. ब्रजेश यादव, डॉ. खुशनुमा बानो, अन्य शिक्षक, शोधार्थी, प्रतिभागी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

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