
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच संवाद को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए गाजियाबाद, हरदोई और कन्नौज में बुधवार को ‘संवाद सेतु’ (जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर) व्यवस्था लागू की गई। पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में इस पहल का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद को अधिक सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से श्संवाद सेतुश् व्यवस्था को शुरू किया। बैठक में एमएलसी अवनीश कुमार सिंह, तीनों जनपदों के जनप्रतिनिधि, हरदोई और कन्नौज के जिलाधिकारी, गाजियाबाद के सीडीओ, ब्लॉक प्रमुख और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
‘सभी जनप्रतिनिधियों के लिए समान व्यवस्था’
इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि ‘संवाद सेतु’ के तहत जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। सीयूजी नंबर अपडेट कर कॉल मॉनिटरिंग प्रणाली सक्रिय कर दी गई है और सभी को 10 मिनट के अंदर कॉल रिसीव या कॉल बैक करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मीटिंग में राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि यह व्यवस्था पक्ष, विपक्ष और निर्दलीय सभी जनप्रतिनिधियों के लिए समान रूप से उपलब्ध है। अधिकारी हों चाहे जनप्रतिनिधि, हमारा एक ही प्रोटोकॉल है जनता की सेवा करना। आने वाले समय में इस व्यवस्था का परिणाम अच्छा मिलेगा। इसकी प्रतिदिन समीक्षा भी की जाएगी।
यह है ’संवाद सेतु’
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत कन्नौज, हरदोई और गाजियाबाद जनपद में जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर (DCCC) स्थापित किया गया है। अगर किसी अधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधि की कॉल 10 मिनट के भीतर रिसीव या कॉल बैक नहीं की जाती है, तो जनप्रतिनिधि कमांड सेंटर को सूचित कर सकेंगे। कमांड सेंटर संबंधित अधिकारी को तुरंत कॉल बैक के लिए निर्देशित करेगा और संवाद सुनिश्चित करेगा। यह व्यवस्था केवल कार्य दिवसों और कार्यालय समय में और सरकारी (CUG) नंबरों पर लागू होगी।


