
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जम्मू :उत्तर रेलवे, जम्मू मंडल ने यात्रियों को ‘तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक’ सेवा देने की दिशा में दो अहम कदम उठाए हैं। माँ के दरबार जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, जम्मू मंडल की पहली ऑटोमेटिक फूड वाटर वेंडिंग मशीन AVM श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पर शुरू की गई। अब यात्रियों को फूड और पानी के लिए काउंटर की लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।
यह मशीन दिन-रात 24×7 उपलब्ध रहेगी। यूपीआई, कार्ड और अन्य डिजिटल भुगतान के विकल्प से लेनदेन पूरी तरह कैशलेस और पारदर्शी हो गया है, जिससे ओवरचार्जिंग जैसी शिकायतों पर पूरी तरह रोक लगेगी। स्वचालित प्रक्रिया से सर्विंग तेज हुई है और स्टेशन परिसर में भीड़ कम होगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा अनुभव बेहतर होगा। यह पहल रेलवे के डिजिटल इंडिया और यात्री-प्रथम सोच को जमीन पर उतारती है।
साथ ही जम्मू मंडल ने ई-नीलामी के जरिए रेल परिसंपत्तियों के स्मार्ट और पारदर्शी उपयोग को भी नई ऊंचाई दी है।
ट्रेन संख्या 12472 के SLR स्थान को लीज पर देकर उसके व्यावसायिक उपयोग को बढ़ाया गया है, जिससे रेलवे की आय स्थिर रहेगी और स्थान का बेहतर उपयोग होगा।
वंदे भारत एक्सप्रेस 26401/26402 के स्लाइडर डोर पर विज्ञापन के अधिकार भी दिए गए हैं। देश की सबसे आधुनिक ट्रेन की ब्रांडिंग स्पेस अब रचनात्मक विज्ञापन के लिए उपलब्ध होगी, जिससे गैर-किराया राजस्व बढ़ेगा और ट्रेन की पहचान और मजबूत होगी।
पठानकोट रेलवे स्टेशन पर मोबाइल व मोबाइल एक्सेसरीज़ कियोस्क तथा सैलून कियोस्क को पहली बार एक साथ क्लब कर आवंटित किया गया है। इसी के साथ रिटायरिंग रूम्स का संचालन भी पहली बार आउटसोर्स किया गया है। क्लबिंग से यात्रियों को एक ही जगह पर कई सेवाएं मिलेंगी, वेंडर के लिए व्यवसाय आसान होगा और स्टेशन की सेवाओं की गुणवत्ता व साफ-सफाई में सुधार होगा।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जम्मू उचित सिंघल ने कहा कि कटरा स्टेशन पर शुरू हुई ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन से अब हर यात्री को त्वरित, स्वच्छ और नकद रहित सेवा मिलेगी। डिजिटल भुगतान से पारदर्शिता बढ़ी है और यात्रियों का भरोसा मजबूत हुआ है। ई-नीलामी की पारदर्शी प्रक्रिया से रेल परिसंपत्तियों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, जिससे स्टेशनों पर सुविधाओं का स्तर लगातार ऊपर जा रहा है। जम्मू मंडल का संकल्प है कि माँ वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले हर श्रद्धालु और अन्य सभी यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा मिले। इसी सोच के साथ हम तकनीक आधारित और यात्री-केंद्रित नवाचार आगे भी जारी रखेंगे।




