बीबीएयू में पंचकोश आधारित शिक्षा पद्धति पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के योग विभाग एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (नई दिल्ली) के संयुक्त तत्वावधान में ‘पंचकोश आधारित शिक्षा पद्धति: प्रासंगिकता, चुनौतियां एवं कार्यान्वयन’ विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य उद्घाटन हुआ। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) द्वारा प्रायोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विधिक उद्देश्य न्यू एजुकेशनल पॉलिसी (NEP-2020) के अनुरूप छात्र-छात्राओं का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक सर्वांगीण विकास करना है।

मानव चेतना और तकनीकी प्रगति के बीच संतुलन आवश्यक: प्रो. राज कुमार मित्तल
उद्घाटन सत्र की विधिक अध्यक्षता करते हुए बीबीएयू के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने पंचकोशीय सिद्धांत को मानव शरीर व चेतना के संतुलन का आधार बताया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक विज्ञान के दौर में युवाओं से भारतीय योग संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा का संवाहक बनने का विधिक आह्वान किया। मुख्य अतिथि व विवेकानंद योग अनुसंधान संस्थान (बेंगलुरु) के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. एच. आर नागेन्द्र ने तैत्तिरीय उपनिषद का संदर्भ देते हुए अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय कोश की विस्तृत वैज्ञानिक व्याख्या की तथा मानव शरीर की 72,000 नाड़ियों एवं प्राणायाम के विस्मयकारी महत्व पर प्रकाश डाला।

शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री देना नहीं, व्यक्तित्व का निर्माण करना: डॉ. अतुल कोठारी
मुख्य वक्ता एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने विश्वविद्यालयों से किताबी ज्ञान के बजाय संस्कारयुक्त नागरिक तैयार करने की पुरज़ोर विधिक अपील की। उन्होंने सुखी व संतुलित जीवन के पांच मूल विधिक मंत्र— संगीत, स्वाध्याय, सेवा, संयम एवं सत्संग पर विशेष बल दिया। इस गरिमापूर्ण अवसर पर स्कूल ऑफ योगा के डीन प्रो. बी.सी. यादव, योग विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेश्वर सिंह, शिक्षा शास्त्र संकायाध्यक्ष प्रो. राजशरण शाही, आईक्यूएसी (IQAC) निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा तथा न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक श्री संजय स्वामी मुस्तैदी से उपस्थित रहे। मंच का सफल विधिक संचालन डॉ. रमेश चंद्र नैलवाल ने किया तथा अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. नरेंद्र सिंह ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।

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