केंद्रीय विश्वविद्यालय में हिंसा, एबीवीपी – आरएसएस कार्यकर्ताओं पर आरोप, पीड़ित छात्रों को ही नोटिस

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, सागर, मप्र : ‘पहले हमारे साथ कैंपस में मारपीट हुई. एक नहीं दो-दो बार और अब हमें ही यूनिवर्सिटी प्रशासन अनुशासनहीनता के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर रहा है. हम से पूछा जा है कि हमारे खिलाफ छात्रावास से निष्कासन और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए. हम पीड़ित हैं और हमारे ही खिलाफ कार्रवाई की बात की जा रही है.’ ये बातें मध्य प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्नातक छात्र बिट्टू कुमार ने मंगलवार (24 फरवरी) को मीडिया से फोन पर बातचीत में कहीं. उन्होंने बताया कि बीते पांच दिनों के भीतर कैंपस में उन पर और उनके अन्य साथियों पर दो बार हिंसक हमले हो चुके हैं, जिसकी शिकायत उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, स्थानीय थाने और जिलाधिकारी से भी की है, लेकिन फिलहाल उनकी सुरक्षा का उन्हें कहीं से कोई आश्वासन नहीं मिला है.

बिट्टू ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) से जुड़े हुए हैं और उन्होंने इन दोनों हिंसक घटनाओं के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) के छात्रों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थानीय कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है. हालांकि, एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों से इनकार किया है.

केरल के एर्नाकुलम के रहने वाले छात्र और एआईएसएफ के सदस्य हरि अय्यप्पन बताते हैं कि इस हिंसा की शुरुआत 20 फरवरी को तब हुई, जब वे और एआईएसएफ से जुड़े उनके अन्य साथी कैंपस के गौर स्तंभ के पास एक ‘यूनिट सम्मेलन’ और स्टडी सर्किल के आयोजन को लेकर साफ-सफाई और पोस्टर बनाने का काम कर रहे थे. उनका कहना है कि इस कार्यक्रम की पूर्व सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस को दी गई थी.

हरि आगे दावा करते हैं कि अभी उन्होंने ‘समान शिक्षा के अधिकार’ से जुड़ा एक पोस्टर ही बनाया था कि इतने में लगभग 100 से 150 लोगों की भीड़ अचानक वहां पहुंची और वहां मौजूद छात्रों के साथ मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान उन्होंने छात्रों के फोन छीन लिए, वीडियो डिलीट करने को कहा, छात्रों को अपमानित किया और अभद्र शब्द भी कहे, जिसके बाद पुलिस इन लोगों को सुरक्षा के लिहाज से थाने लेकर आई, लेकिन थाने में भी एबीवीपी और आरएसएस के कुछ लोग पहले से मौजूद थे, जिन्होंने पुलिस के सामने एआईएसएफ के छात्रों को धमकी दी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया.

बताया गया है कि इस घटना के करीब दो दिन बाद 23 तारीख को फिर इन छात्रों पर हमला हुआ, जिसके संबंध में बिट्टू बताते हैं, ‘पीड़ित छात्र अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचे थे. इसी दौरान प्रॉक्टर ऑफिस के सामने ही हम लोगों पर दोबारा हमला हुआ. इस बार पहले के मुकाबले एबीवीपी और आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने ज्यादा बल प्रयोग किया. वे अपनी शाखा वाली लाठी के साथ आए थे, जिससे उन्होंने कई छात्रों के चेहरे और आंखों पर प्रहार किया और पीठ पर भी लाठियों से वार किए गए. इस हमले में कई छात्रों को गंभीर चोट आईं, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है.’

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