
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट, सतना : महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के विज्ञान और पर्यावरण संकाय अंतर्गत संचालित ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग के एम.एस-सी. (पर्यावरण विज्ञान) तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने प्रो. घनश्याम गुप्ता के नेतृत्व में मंदाकिनी नदी की सहायक झूरी नदी पर चल रहे जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन किया।
मध्य प्रदेश शासन के वन विभाग द्वारा नदी में जल संरक्षण हेतु लूज बोल्डर डैम, चेक डैम, स्टॉप डैम, पर्कोलेशन टैंक एवं तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है। विद्यार्थियों को बताया गया कि वर्षा आधारित बिंध्य क्षेत्र की नदियों का अस्तित्व जंगलों एवं पहाड़ों पर निर्भर करता है, जहां संचित जल धीरे-धीरे नदी को जीवन प्रदान करता है।
भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को जल संरक्षण के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था, ताकि वे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार बन सकें।
इस पहल को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए आशा व्यक्त की गई कि इससे झूरी नदी पुनर्जीवित होगी तथा अन्य नदियों के संरक्षण के लिए भी प्रेरणा मिलेगी। भ्रमण में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
