बीबीएयू में हुआ बैठक का आयोजन : ‘सेवा संकल्प’ के साथ सुशासन एवं छात्र – केंद्रित व्यवस्था पर बल

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में मंगलवार 3 मार्च को कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल की अध्यक्षता में समस्त संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, निदेशकों एवं अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी ‘सेवा संकल्प प्रस्ताव’ संबंधी कार्यालय ज्ञापन के अनुपालन में आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ स्वागत उद्बोधन से हुआ, तत्पश्चात आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा द्वारा ‘सेवा संकल्प प्रस्ताव’ का वाचन किया गया।

अपने संबोधन में माननीय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने ‘कर्मयोगी’ की भावना से कार्य करते हुए विश्वविद्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। प्रो. मित्तल ने कहा कि विद्यार्थियों के हित में एक ‘सेवा चार्टर’ तैयार किया जाए, जिससे शिक्षण, अधिगम, विस्तार गतिविधियों आदि से संबंधित विषयों पर समयबद्ध समाधान उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने पेशे को ‘नोबल प्रोफेशन’ मानते हुए ‘सेवा भाव’ से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ जन-प्रतिक्रिया को प्राथमिकता देने तथा विकसित एवं समावेशी भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का संदेश दिया।

बैठक के दौरान उन्होंने शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने, अनावश्यक प्रक्रियाओं से बचने तथा कार्य संस्कृति में दक्षता लाने पर भी चर्चा की । इसके अतिरिक्त कुलपति ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के दर्शन का उल्लेख करते हुए उनकी पुस्तक “Transcendence” का संदर्भ दिया और संदेश दिया कि सभी अपनी क्षमता से अधिक कार्य करने का प्रयास करें तथा पूर्ण समर्पण के साथ विश्वविद्यालय एवं राष्ट्र की सेवा करें।

बैठक के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं संकाय सदस्यों ने ‘सेवा भाव’ से कार्य करने का आश्वासन दिया तथा विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

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