
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार अपने राजकीय आवास पर कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को समय पर और उचित मात्रा में उर्वरक तथा बीज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मंत्री ने अधिकारियों को सचेत किया कि जिन योजनाओं में पिछले वर्षों में प्रगति संतोषजनक नहीं रही है, उनके लिए अभी से ठोस रणनीति बनाकर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि यदि बीज निगम बिक्री केंद्रों पर समय से बीज नहीं पहुँचता है, तो इसके लिए जिम्मेदार सभी कार्मिकों और अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि जो बीज राज्य में उपलब्ध नहीं हैं, उनका प्रबंध अन्य राज्यों से तत्काल किया जाए और किसानों को ‘एट सोर्स सब्सिडी’ देने की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।
उर्वरकों की स्थिति पर चर्चा करते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को खरीफ-2026 के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने हेतु पूरी तरह कटिबद्ध है और इसके लिए भारत सरकार के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। वर्तमान में पिछले वर्ष की तुलना में प्रदेश में 3.61 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध है। 22 मई, 2026 तक प्रदेश में यूरिया की कुल उपलब्धता 13.42 लाख मीट्रिक टन रही है, जो किसानों की वर्तमान आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह पर्याप्त है। इसी प्रकार डी०ए०पी० की उपलब्धता भी पिछले वर्ष के 2.70 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष बढ़कर 5.17 लाख मीट्रिक टन हो गई है। प्रदेश में यूरिया, डी०ए०पी०, एन०पी०के०, एसएसपी और एम०ओ०पी० को मिलाकर कुल 28.13 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक मौजूद है। वितरण के क्षेत्र में सहकारिता विभाग प्रभावी भूमिका निभा रहा है, जिसके पास वर्तमान में 5.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 2.84 लाख मीट्रिक टन डी०ए०पी० का स्टॉक सुरक्षित है।
बैठक में बीज उपलब्धता की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि खरीफ-2026 के लिए धान, उर्द, मूंग, अरहर और तिल सहित विभिन्न फसलों के लिए कुल 1,99,910 क्विंटल बीज का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष अब तक 80,511 क्विंटल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा चुकी है। मंत्री जी ने योजनाओं के प्रचार-प्रसार को व्यापक बनाने और ‘दर्शन पोर्टल’ के माध्यम से लक्ष्यों की फीडिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि औसत खपत के आधार पर वर्तमान में प्रदेश के 67 जनपदों में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है और शेष 08 जनपदों में भी मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। बैठक के अंत में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वित्तीय स्वीकृतियों और व्यय की स्थिति में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।