
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित सुरेंद्रपाल ग्रामोदय विद्यालय में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषणा एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह का भव्य एवं गरिमामय आयोजन मंगलवार को दीनदयाल परिसर के विवेकानन्द सभागार में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के लगभग पाँच सौ से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया, जिससे परिसर में उल्लास और उत्साह का वातावरण व्याप्त हो गया।
कार्यक्रम में दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव निखिल मुंडले तथा संगठन सचिव अभय महाजन की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा को और अधिक बढ़ाया। संस्थान के सचिव अपराजित शुक्ला भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

प्रधान सचिव निखिल मुंडले ने छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा उन्हें निरंतर परिश्रम एवं अनुशासन के मार्ग पर अग्रसर रहने हेतु प्रेरित किया। वहीं संगठन सचिव अभय महाजन ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि जो छात्र- छात्राएं मंगलवार को सम्मानित हुए हैं, वे निःसंदेह बधाई के पात्र हैं, किन्तु जो किसी कारणवश इस सूची में स्थान नहीं बना सके, वे निराश न हों, अपितु और अधिक लगन एवं परिश्रम के साथ भविष्य में सफलता अर्जित करें—संस्थान उनके प्रयासों का भी सम्मान करेगा।
परीक्षा प्रभारी अशोक दीक्षित द्वारा वार्षिक परीक्षा परिणाम की औपचारिक घोषणा की गई तथा कार्यक्रम का कुशल संचालन भी उनके द्वारा किया गया। विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र श्रीवास्तव ने वार्षिक गृह परीक्षा परिणाम का संक्षिप्त एवं समग्र विवरण प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह, डॉ. अशोक पांडेय, कालकाप्रसाद श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

समारोह ने न केवल प्रतिभाओं को सम्मानित किया, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उन्हें उत्कृष्टता की ओर अग्रसर होने का संदेश दिया। इस अवसर पर गायत्री शक्ति पीठ के प्रबंधक डॉ. रामनारायण त्रिपाठी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन के माध्यम से छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। प्रधानाचार्य अंशुमान पाठक ने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
इसी क्रम में कामता हायर सेकेण्ड्री स्कूल के पूर्व प्राचार्य श्रीधर त्रिपाठी ने भी अपने प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक कामना की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में व्यक्तित्व निर्माण का आधार है।