बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय शिविर का शुभारंभ

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार 9 मार्च को राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। शिविर के प्रथम दिवस पर लगभग 200 स्वयंसेवकों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौलाना अबुल कलाम आजाद मेमोरियल एकेडमी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. कुद्दूस हाशमी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. नरेंद्र कुमार, एनएसएस समन्वयक डॉ. पवन कुमार चौरसिया एवं डॉ. अर्पित शैलेश उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेंद्र सिंह द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि एवं मौलाना अबुल कलाम आजाद मेमोरियल एकेडमी के चीफ सेक्रेटरी डॉ. कुद्दूस हाशमी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन ही वह समय है जब हमें समाज से जुड़ने का वास्तविक मौका मिलता है। उन्होंने जोर दिया कि यह शिविर विद्यार्थियों को समाज की समस्याओं को समझने और उनके निदान खोजने का एक सशक्त मंच प्रदान करता है।

छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. नरेंद्र कुमार ने एनएसएस के मूल मंत्र ‘स्वयं से पहले आप’ (Not Me But You) पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा ही सर्वोपरि है।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पवन कुमार चौरसिया ने विश्वविद्यालय की एनएसएस उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि सरकार स्वयंसेवकों को अपनी प्रतिभा दिखाने के कई अवसर दे रही है !

डॉ. अर्पित शैलेश ने शिविर के दौरान होने वाली सात दिनों की गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही डॉ. मीना विश्वेश्वर ने ‘उठें समाज के लिए उठें’ की पंक्तियों के माध्यम से स्वयंसेवकों में जोश भरा। डॉ. भीम सोनकर ने ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए सामाजिक समस्याओं के सामूहिक निदान पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शिक्षक, औरंगाबाद खालसा जागीर के समाजसेवी मोहम्मद अशफाक अहमद, एनएसएस के सदस्य एवं अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।

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