जिला उद्योग अफसरों को इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से मिल रही आईआईएम में बिजनेस ट्रेनिंग : दीपक कुमार

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, इन्वेस्ट यूपी ने सोमवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), लखनऊ में जिला उद्योग केंद्र (DIC) अधिकारियों, संयुक्त आयुक्त उद्योग, क्षेत्रीय प्रबंधकों तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के नोडल अधिकारियों के लिए पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने किया। इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीमती प्रेरणा शर्मा भी उपस्थित रहीं।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के उत्तर प्रदेश को “सर्वोत्तम प्रदेश” बनाने के विजन और विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासन, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और निवेशकों को सक्रिय सहयोग आज उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवर्तन के प्रमुख आधार बन चुके हैं।

उन्होंने डीआईसी अधिकारियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे नीति निर्माण और जमीनी क्रियान्वयन के बीच एक अहम कड़ी हैं। उन्होंने अधिकारियों से उद्यमियों का मार्गदर्शन करने, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल को और मजबूत बनाने तथा वैश्विक प्रथाओं को अपनाकर प्रदेश में समावेशी औद्योगिक विकास को गति देने का आह्वान किया।
यह कार्यशाला तीसरे और अंतिम बैच की शुरुआत है। ‘लर्निंग जर्नी ऑफ डीआईसी’ थीम पर आधारित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 122 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा प्रदेश के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था विजन को आगे बढ़ाना है।

अगले पांच दिनों के दौरान प्रतिभागी अधिकारियों को व्यवहारिक नेतृत्व, वित्त एवं निवेश प्रशासन, स्टार्टअप इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, संचार रणनीतियों और उभरते औद्योगिक रुझानों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम जिला स्तर के अधिकारियों को निवेशक सुविधा, नीति क्रियान्वयन और औद्योगिक विकास को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक प्रशासनिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक कौशल से सशक्त करेगा।

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