कोरोना महामारी: रमजान माह में रोजा रखें, अल्लाह की इबादत करें, लेकिन घर से बाहर न निकलें

अशोक यादव, लखनऊ। मुसलमानों का मुकद्दस महीना रमजान शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। अनुमान के मुताबिक 25 अप्रैल से शुरू हो रहा रमजान का महीना इस बार कोरोना महामारी से उपजी दुश्वारियों के बीच ही बीतना तय है।

पवित्र रमजान में मुस्लिम भाई पूरे दिन रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। जगह-जगह तरावी पढ़ी जाती है। मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ती है। लेकिन इस बार लाॅकडाउन के चलते ऐसा होना संभव नहीं है।

रमजान को देखते हुए सोमवार को इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने पूरे समाज के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि हर मुस्लिम रोजा जरूर रखे।

लेकिन लाॅकडाउन का पालन करें और महामारी से बचकर रहें। मस्जिदों में जाने से बचें। साथ ही इफ्तारी और इफ्तार पार्टी का पैसा गरीबों की मदद में लगाए।

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा की 24 अप्रैल को रमजान का चांद देखा जाएगा 24 को हुआ। तो उसी दिन से तराबी होगी और 25 अप्रैल को पहला रोजा होगा पहली बार ऐसा हो रहा है, कि रमजान का महीना ऐसे हालात में आ रहा है।

लिहाजा पूरे मुल्क में रमजान में लॉकडाउन होगा। लोग मस्जिद में आजादी से नमाज पढ़ने नही जा सकेंगे। सभी लोग लॉकडाउन के रूल्स का पालन करें। हर मुसलमान रोजे जरूर रखे, जो लोग मस्जिद में रहते है।

सिर्फ वही मस्जिद में रहे , 4-5 लोग से ज्यादा लोग मस्जिद में नही रहेंगे और वहीं लोग मस्जिद में तरावी पढ़े बाकी लोग अपने घर पर तरावी अदा करें। जिसको जितना कुरान याद है उतना ही रोज पढें अफ्तारी को गरीबों में बांटा जाए, अफ्तार पार्टी का पैसा भी गरीबो को दिया जाए।

अफ्तार के वक़्त सभी लोग दुआ करें कि हमारे मुल्क और पूरी दुनिया से अल्लाह इस कोरोना महामारी को खत्म कर दे।

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