डीएफसीसीआईएल ने ईस्ट–वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के वित्त एवं निर्माण हेतु स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस आयोजित की

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने प्रस्तावित ईस्ट–वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के फाइनेंसिंग एवं कंस्ट्रक्शन से संबंधित एक स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस का आयोजन इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में किया। इस कॉन्फ्रेंस में डेवलपर्स, लैंडओनर्स, इन्वेस्टर्स, फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशंस तथा संभावित बिडर्स ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य स्टेकहोल्डर्स के साथ व्यापक विचार-विमर्श करना तथा परियोजना के इम्प्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क एवं फाइनेंसिंग अवसरों पर चर्चा करना था।

कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व प्रवीण कुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर, डीएफसीसीआईएल; श्याम सुंदर गुप्ता, प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इन्फ्रास्ट्रक्चर), रेलवे बोर्ड; बी. मुगुन्थन, डायरेक्टर (फाइनेंस), डीएफसीसीआईएल; तथा राहुल कपूर, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस/आरएम एंड पीपीपी), रेलवे बोर्ड ने किया। अजय कुमार, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (एसेट मैनेजमेंट) एवं संजीव गुप्ता, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस) द्वारा आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में शोभित भटनागर, डायरेक्टर (ऑपरेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट), अनुराग शर्मा, डायरेक्टर (इन्फ्रास्ट्रक्चर), पवन के. राय, डायरेक्टर (प्रोजेक्ट प्लानिंग) तथा डीएफसीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चर्चा का मुख्य केंद्र हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के अंतर्गत ईडब्ल्यूडीएफसी के लिए फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क, कंस्ट्रक्शन स्ट्रेटेजी, स्टेकहोल्डर पार्टिसिपेशन तथा इम्प्लीमेंटेशन रोडमैप रहा। इंटरैक्टिव सत्र ने स्टेकहोल्डर्स की जिज्ञासाओं के समाधान, महत्वपूर्ण सुझावों के आदान-प्रदान तथा भारत के अगली पीढ़ी के फ्रेट कॉरिडोर के समयबद्ध विकास हेतु सहयोगात्मक प्रयासों को और सुदृढ़ करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।

कॉन्फ्रेंस में प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स, ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स, लॉजिस्टिक्स एवं पोर्ट ऑपरेटर्स, रोलिंग स्टॉक एवं रेल टेक्नोलॉजी कंपनियों, फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशंस, मल्टीलेटरल एजेंसियों, इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टर्स, रेटिंग एजेंसियों तथा कंसल्टेंट्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के स्टेकहोल्डर्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कॉन्फ्रेंस में प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख संगठनों में लार्सन एंड टुब्रो, अफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, टाटा प्रोजेक्ट्स, आईआरकॉन इंटरनेशनल, रेल विकास निगम लिमिटेड, राइट्स लिमिटेड, जी आर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, अशोका बिल्डकॉन, मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी, कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल, केईसी इंटरनेशनल, जीपीटी इंफ्राप्रोजेक्ट्स, दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जीएमआर ग्रुप तथा हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ शामिल थे।

लॉजिस्टिक्स एवं फ्रेट सेक्टर से कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, अदानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड तथा डीपी वर्ल्ड के प्रतिनिधियों ने भी विचार-विमर्श में भाग लिया। कॉन्फ्रेंस में नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड, सीडीपीक्यू इंडिया, मॉर्गन स्टेनली इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, ईवाई, पीडब्ल्यूसी, सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज, आईसीआरए, केयर रेटिंग्स, क्रिसिल तथा इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च जैसी प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टर्स एवं एडवाइजरी संस्थाओं की भी सहभागिता रही।

जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी, वर्ल्ड बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, इंडियन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, आरईसी लिमिटेड, हडको, नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन, न्यू डेवलपमेंट बैंक, एमयूएफजी बैंक तथा यस बैंक सहित देश एवं विदेश के अग्रणी फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशंस एवं डेवलपमेंट फाइनेंस ऑर्गेनाइजेशंस की सहभागिता ने ईस्ट–वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के क्रियान्वयन के प्रति निवेशकों के मजबूत विश्वास एवं व्यापक स्टेकहोल्डर रुचि को प्रदर्शित किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रवीण कुमार ने सहयोगात्मक सहभागिता, नवोन्मेषी फाइनेंसिंग तथा केंद्रित क्रियान्वयन के माध्यम से ईडब्ल्यूडीएफसी परियोजना को पूर्ण गति के साथ आगे बढ़ाने के प्रति डीएफसीसीआईएल की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन के लिए फाइनेंस एवं प्रोजेक्ट टीमों के प्रयासों की सराहना की तथा परियोजना के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए स्टेकहोल्डर्स के निरंतर सहयोग के महत्व पर बल दिया।

प्रस्तावित ईस्ट–वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जो गुजरात के सूरत को पश्चिम बंगाल के दानकुनी से लगभग 2,316 किलोमीटर की दूरी तक जोड़ेगा, एक परिवर्तनकारी फ्रेट इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना के रूप में परिकल्पित है। यह परियोजना छह राज्यों के मध्य कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगी, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स इंटीग्रेशन को बढ़ावा देगी तथा भारत की फ्रेट ट्रांसपोर्टेशन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी।

यह स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस ईडब्ल्यूडीएफसी के इम्प्लीमेंटेशन रोडमैप को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा राष्ट्र की आर्थिक प्रगति एवं लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धात्मकता को समर्थन प्रदान करने हेतु विश्वस्तरीय फ्रेट इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के प्रति डीएफसीसीआईएल की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करता है।

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