
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित उप्र कैबिनेट बैठक में जनपद रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए कृषि विभाग की 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। यह महाविद्यालय चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में कृषि एवं उद्यान शिक्षा के विस्तार को नई गति मिलेगी।
प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कैबिनेट के इस ऐतिहासिक फैसले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि मैं रहूँ या न रहूँ यह इतिहास अमिट रहेगा। आज मेरे राजनैतिक जीवन की एक अमोल उपलब्धि की स्वीकृति प्राप्त होने पर मन गदगद है। जिस हरचंदपुर में टूटी साइकिल से चलकर शिक्षा ग्रहण की, उसी हरचंदपुर की पावन माटी में अगली पीढ़ी के नौजवानों को उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण संस्थान कृषि/औद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना का बहुप्रतीक्षित सपना हमारा पूरा हुआ।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को, जिन्होंने आज की कैबिनेट में इस हेतु निर्णय लिया, अपनी ओर से, अपने हरचंदपुर और रायबरेली के उच्च शिक्षा के भावी भविष्य अगली पीढ़ी के लोगों की ओर से बहुत-बहुत आभार प्रकट करता हूं। इस संस्थान के भव्य भवन, प्रयोगशालाएँ, उद्यान, छात्रावासों के निर्मित होने के उपरांत भगवान अचलेश्वर की पावन नगरी एक बड़े नगर के रूप में आकार लेगी।
उद्यान मंत्री ने कहा कि आज 22 हेक्टेयर लगभग 80 बीघा भूमि मेरे अनुरोध पर मुख्यमंत्री जी ने नौजवानों के भविष्य के लिए महाविद्यालय स्थापना के लिए दी। अब इस महत्वपूर्ण संस्थान की स्थापना में कोई अवरोध शेष नहीं रहा। मुझे हरचंदपुर के लोगों की सेवा करने में इस उपलब्धि पर सदैव गर्व रहेगा। हरचंदपुर ने मुझे सामाजिक राजनैतिक रूप से जन्म दिया, इस माटी का कर्ज हमारे परिवार पर सदैव ही रहेगा।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी हरचंदपुर और रायबरेली से सम्मान पाकर राज किया, उनके हरचंदपुर विधानसभा की सीमा के भीतर ऐसे कोई सेवा के निशान नहीं हैं, जैसे प्रभु की कृपा से मेरी सेवा के हैं। लोगों ने हरचंदपुर के वोट तो लिए लेकिन हरचंदपुर के नौजवानों, किसानों की समृद्धि के लिए कभी ऐसे कदम नहीं उठाए।
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि इससे पूर्व चाहे सतांव में किसानों के हित के लिए मंडी परिषद का निर्माण, रायबरेली में गुरु गोविंद सिंह पर्यावरणीय उद्यान, बछरावां के शिवगढ़ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी, ऊंचाहार में मंडी परिषद का निर्माण, रायबरेली के हर विकासखंड में 125 फीट के लहराते हुए राष्ट्रीय ध्वज या नदियों पर बनाए गए पुल हों, बहुत सारे अमिट निशान पंचवटी ने दिए हैं। और जितना सामर्थ्य प्रभु और रायबरेली के लोगों से मिलेगा, रायबरेली और हरचंदपुर का सम्मान अपनी आखिरी सांस तक बढ़ाने का प्रयास करता रहूँगा।
उद्यान महाविद्यालय की स्थापना के लिए जिलाधिकारी रायबरेली द्वारा ग्राम पड़ेरा, परगना एवं तहसील सदर स्थित उपलब्ध भूमि चिन्हित की गई थी। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उपलब्ध 44.888 हेक्टेयर भूमि में से 22 हेक्टेयर भूमि कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। इससे रायबरेली सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के विकास को नई मजबूती मिलेगी।