रेलवे ट्रैक के आस पास आग जलाने से पूर्णतः परहेज करें तथा इस संबंध में अतिरिक्त सतर्कता बरतें : गौरव अग्रवाल

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : यात्री सुरक्षा एवं संरक्षित रेल संचालन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्वाेत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल के मण्डल रेल प्रबन्धक गौरव अग्रवाल द्वारा रेलवे ट्रैक के निकट रहने वाले शहरी एवं ग्रामीण आम जनमानस से अपील की जाती है कि, वे रेलवे ट्रैक के आस पास आग जलाने से पूर्णतः परहेज करें तथा इस संबंध में अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

रेलवे ट्रैक एवं यार्ड के निकट झाड़ियों या पटरियों के आसपास सूखी घास, पराली, कूड़ा आदि न जलाएं। ट्रैक के आसपास बस्तियों में स्टोव, अंगीठी, चूल्हा या गैस सिलेंडर का उपयोग बहुत सावधानी से करें। ट्रैक के आस पास के इलाकों में पटाखों , विस्फोटक या किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ का भण्डारण न करें।

रेलवे प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि पटरियों के समीप आग जलाने से रेलवे की महत्वपूर्ण संपत्ति को गंभीर क्षति पहुँच सकती है। इसके अतिरिक्त, इससे ट्रैक की संरचना, सिग्नलिंग प्रणाली एवं अन्य तकनीकी उपकरणों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप रेल संचालन बाधित हो सकता है ,जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है। इस प्रकार की लापरवाही से किसी भी समय अप्रिय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है, जिससे जन-धन की हानि हो सकती है तथा ट्रेनों के आवागमन में अनावश्यक विलंब होता है।

रेल ट्रैक के निकट अथवा रेलवे क्षेत्र में कहीं भी आग लगने की घटना की जानकारी प्राप्त हो, तो तत्काल निकटतम रेलवे स्टेशन, आरपीएफ/जीआरपी थाना तथा रेलवे हेल्पलाइन न0 139 को सूचित करें। यदि कोई व्यक्ति रेलवे ट्रैक या रेलवे सम्पत्ति के आस-पास आग जलाता है या ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसे रेलवे एक्ट की धारा 151 के तहत पॉच वर्ष तक की जेल अथवा जुर्माना भी हो सकता है।

पूर्वाेत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल प्रशासन सभी नागरिकों से अपेक्षा करता है कि वे रेलवे परिसरों एवं पटरियों के आसपास स्वच्छता बनाये रखें तथा रेलवे की संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा में अपना सहयोग करें।
आपके जनसहयोग से ही सुरक्षित, सुचारु एवं समयबद्ध रेल संचालन सुनिश्चित किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button