45 दिनों तक कृषि वैज्ञानिक विभिन्न ग्रामों में प्रशिक्षण, संगोष्ठी एवं संवाद के जरिये कृषकों को करेंगे जागरूक

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, गनीवां, चित्रकूट द्वारा “फसलों में संतुलित उर्वरक प्रयोग जागरूकता कार्यक्रम” के तहत विभिन्न ग्रामों में व्यापक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरको का उपयोग, मृदा स्वास्थ्य पर जरूरत से ज्यादा मात्रा में रासायनिक उर्वरकों से धरती माता, हमारे स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना है।

कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर. एस. नेगी ने बताया कि 23 अप्रैल 2026 से इस अभियान की शुरुआत की जा रही है जिसमें आगामी समय में 45 दिन तक केंद्र के वैज्ञानिक चित्रकूट जिले के सभी विकास खंडों के विभिन्न ग्रामों में जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण, संगोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रमों के आयोजन के जरिए किसानों को फसलों में संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग करने की जानकारी देंगे।

इन कार्यक्रमों में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों द्वारा किसानों को उर्वरकों के संतुलित प्रयोग, मृदा परीक्षण, जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों के समन्वित उपयोग तथा फसलों में कम रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर गुणवत्ता युक्त अधिक उपज लेने की सभी नवाचार तकनीकों की जानकारी प्रदान की जाएगी। इस अभियान के दौरान केंद्र के वैज्ञानिक कृषकों के खेत से मिट्टी के नमूने भी एकत्रित करेंगे ताकि प्रयोगशाला में जांच के पश्चात कृषकों को फसलों में प्रयोग किए जाने वाले उर्वरकों की सही मात्रा की जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।

कार्यक्रमों में स्थानीय सहयोगियों का भी सक्रिय योगदान रहेगा, जिसमें अन्य कार्यकर्ता भी शामिल रहेंगे। कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान से क्षेत्र के किसानों को उर्वरकों के सही उपयोग की जानकारी मिलेगी, जिससे लागत में कमी, उत्पादन में वृद्धि तथा मृदा की गुणवत्ता में सुधार संभव होगा। अतः सभी किसानों से अनुरोध है कि वे इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर लाभ उठाएं।

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