
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / जयपुर : अपने शांत परिदृश्य और जीवंत संस्कृति के लिए जाना जाने वाला सोमेसर एक ऐसा गंतव्य है जो अपेक्षाकृत अनछुआ ही रहा है, जिससे यह उन लोगों के लिए एक आदर्श स्थान बन जाता है जो हलचल भरे पर्यटक स्थलों से दूर शांति की तलाश में हैं। वर्तमान में सोमेसर रेलवे स्टेशन पर 10 ट्रेनों का ठहराव दिया गया है। यहां से औसतन 750 यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं।अमृत स्टेशन योजना के तहत उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल के सोमेसर स्टेशन अमृत स्टेशन योजना के तहत लगभग तैयार है। सोमेसर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो गया है। सोमेसर स्टेशन पर इस परियोजना की कुल लागत लगभग ₹ 19.35 करोड़ है।

भारतीय रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘अमृत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत सोमेसर रेलवे स्टेशन पर इस परियोजना के अंतर्गत स्टेशन के मुख्य भवन का पूरी तरह से नवीनीकरण किया गया है। यात्रियों की सुचारू आवाजाही के लिए मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों को भव्य रूप दिया गया है। दिव्यांगजन की सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए, स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष टैक्टाइल पाथ, रैंप, समर्पित पार्किंग और विशेष शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।
यात्री सुविधाएं और सर्कुलेटिंग एरिया के अंतर्गत स्टेशन के बाहर के सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण किया गया है। यात्रियों के बैठने के लिए आधुनिक फर्नीचर, डिजिटल सूचना बोर्ड और हाई-लेवल प्लेटफॉर्म के साथ नए शेड स्थापित किए गए हैं। स्टेशन पर लिफ्ट तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से ‘कैटल गार्ड’ लगाए गए है। इसके अलावा, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और स्टेशन की बाहरी दीवारों को आकर्षक बनाया गया है जिसमें लाइटिंग का कार्य किया भी गया है।

सोमेसर स्टेशन के पुनर्विकास का उद्देश्य सोमेसर स्टेशन को आधुनिक बनाना है, जिसमें यात्रियों लिए उच्चस्तरीय सुविधाएं शामिल हैं। इससे न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।