
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : राजधानी लखनऊ में मंगलवार को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सामाजिक समरसता और जागरूकता का एक प्रभावशाली संदेश दिया। इस खास मौके पर नाट्य मंचन और गायन प्रस्तुतियों के जरिए बाबा साहेब के जीवन और संघर्ष को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को भावुक और प्रेरित किया।
उन्नाव से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नाटक में योगेंद्र पाल ने बाबा साहेब की भूमिका निभाते हुए उनके पूरे जीवन दर्शन को सशक्त तरीके से मंच पर उतारा। वहीं ‘नमक से पहले पानी’ जैसे नाट्य मंचन के जरिए डॉ. आंबेडकर की जीवन यात्रा को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। लखनऊ से आए विपिन कुमार और उनकी टीम ने भी अपने मंचन से कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी, जबकि मुंबई से आए कलाकारों की गायन प्रस्तुति ने पूरे माहौल को और अधिक भावपूर्ण बना दिया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने आंबेडकर जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भीमराव आंबेडकर ने विश्व को एक श्रेष्ठ संविधान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक समरसता और समानता का ऐसा मार्ग दिखाया, जिसकी बदौलत आज समाज के वंचित और पिछड़े वर्ग भी मुख्यधारा में सशक्त रूप से शामिल हो रहे हैं। पर्यटन मंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार बाबा साहेब से जुड़े स्मारकों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। साथ ही इन स्थलों के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनकी विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि इस अवसर पर देशभर से आए कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है और समाज में समरसता तथा समानता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह भी कहा कि 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में जन्मे भीमराव आंबेडकर भारतीय इतिहास के अत्यंत विद्वान और दूरदर्शी व्यक्तित्वों में शामिल थे। स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री के रूप में उन्होंने संविधान निर्माण में अहम योगदान दिया। उनके सिद्धांत आज भी समाज को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं, और इन्हीं मूल्यों को सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।