
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट ; महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की निर्माण इकाई में पदस्थ इंजीनियर सी.पी. बस्तानी अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने के पश्चात् विश्वविद्यालय की सेवाओं से सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर निर्माण इकाई के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा महर्षि वाल्मीकि सभागार में उनका भावपूर्ण विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि स्वयं इंजीनियर सी.पी. बस्तानी रहे, जबकि उनकी धर्मपत्नी श्रीमती ज्योति बस्तानी एवं सुपुत्री डॉ. हेमलता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने की। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय, पूर्व कुलगुरु प्रो. भरत मिश्रा तथा अधिष्ठाता प्रो. अमरजीत सिंह मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संयोजन इंजीनियर रमाकांत त्रिपाठी एवं डॉ. (इंजी.) धर्मेंद्र सिंह द्वारा किया गया।

आत्मीय एवं सम्मानपूर्ण इस समारोह में विश्वविद्यालय परिवार द्वारा बस्तानी को पुष्पगुच्छ, मालाएं, शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे आयोजन अत्यंत भावुक एवं यादगार बन गया। अपने उद्बोधन में श्री बस्तानी ने सहकर्मियों के सहयोगी एवं आत्मीय व्यवहार की सराहना की। वर्ष 1991 में विश्वविद्यालय में अपनी नियुक्ति से लेकर संस्थान की सतत विकास यात्रा को स्मरण करते हुए वे भावुक हो उठे। उनकी धर्मपत्नी एवं सुपुत्री भी इस अवसर पर भावुक होते हुए गर्व और प्रसन्नता व्यक्त करती नजर आईं।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने कहा कि बस्तानी के प्रति व्यक्त की जा रही प्रशंसा उनके उत्कृष्ट व्यक्तित्व एवं कृतित्व का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी बस्तानी का विश्वविद्यालय से आत्मीय संबंध बना रहेगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. (इंजी.) धर्मेंद्र सिंह द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रविकांत श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संकायों के अधिष्ठाता, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।