
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नोएडा/न्यू उधना/न्यू अंकलेश्वर / न्यू मकरपुरा : डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने माल परिवहन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने रविवार को न्यू उधना, न्यू मकरपुरा, न्यू गोथनगम जीसीटी और न्यू अंकलेश्वर जीसीटी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) पर मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स के विकास के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार की, जिससे देश में निर्बाध, किफायती और तेज माल ढुलाई को बढ़ावा मिलेगा।
न्यू उधना में उच्चस्तरीय बैठक
डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने न्यू उधना में ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EWDFC) की प्रगति की समीक्षा की। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत दानकुनी (पश्चिम बंगाल) से सूरत (गुजरात) तक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो देश के पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक केंद्रों को सीधे जोड़ेगा। इससे माल परिवहन अधिक तेज और सुगम होगा।
बैठक में परियोजना के विकास, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने रायपुर, नागपुर और जलगांव की टीमों को विस्तृत सर्वेक्षण शीघ्र शुरू करने, भूमि योजना को अंतिम रूप देने तथा राज्य सरकारों और रेलवे मंडलों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर डीएफसीसीआईएल कॉर्पोरेट कार्यालय और सूरत इकाई के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इनमें निदेशक (ऑपरेशन एवं बिजनेस डेवलपमेंट) शोभित भटनागर, निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर) अनुराग शर्मा, कार्यकारी निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर) मनीष अवस्थी, जीजीएम (बीडी एंड बीए) एस. पी. वर्मा, सलाहकार (परियोजना विकास) एस. के. नेगी, सीजीएम (सूरत) दीपक गुप्ता, जीएम सुरक्षा (डब्ल्यूडीएफसी) जितेंद्र श्रीवास्तव और एजीएम/ओसीसी (डब्ल्यूडीएफसी) प्रवीण तिवारी मौजूद रहे।
अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित परिवहन को बढ़ावा
न्यू मकरपुरा डीएफसी स्टेशन पर अत्याधुनिक ‘ट्रैक मशीन डिपो’ और ‘टॉवर वैगन शेड’ का उद्घाटन प्रबंध निदेशक द्वारा किया गया। इसके साथ ही वरनामा कंटेनर डिपो में इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन की शुरुआत की गई, जो कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित परिवहन प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में पहल
मकरपुरा में कर्मचारियों और उनके परिवारों, विशेषकर बच्चों के लिए एक सुंदर पार्क का उद्घाटन भी किया गया। यह पहल संगठन की कर्मचारी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है और बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
टर्मिनलों की क्षमता विस्तार पर जोर
प्रबंध निदेशक ने गोथांगम जीसीटी, न्यू अंकलेश्वर जीसीटी और वरनामा साइडिंग का निरीक्षण कर टर्मिनल कनेक्टिविटी और मल्टीमोडल संचालन को मजबूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि टर्मिनलों का बुनियादी ढांचा बढ़ती माल ढुलाई की मांग के अनुरूप विकसित किया जाए। परियोजना से संबंधित प्रक्रियाओं, साइट कार्यालय की प्रारंभिक व्यवस्थाओं तथा यार्ड योजना को शीघ्र अंतिम रूप देने पर भी जोर दिया गया।
परियोजना का शुभारंभ, बेहतरीन कार्यों की सराहना
प्रबंध निदेशक ने जीएम/समन्वय (GM/Coordination) सूरत कार्यालय पहुंचकर ईडब्ल्यूडीएफसी (EWDFC) परियोजना के कार्यों का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर रेल लाइनों के सुचारू रखरखाव के लिए ‘ओएचई (OHE) मेंटेनेंस पॉकेट बुक’ का भी लोकार्पण किया गया, जो फील्ड पर काम करने वाले तकनीकी कर्मचारियों के लिए बेहद उपयोगी है। इसके बाद उन्होंने न्यू उधना से न्यू मकरपुरा सेक्शन के निरीक्षण के दौरान सूरत यूनिट द्वारा विकसित आवासीय कॉलोनी और बाल उद्यान की उच्च गुणवत्ता की सराहना करते हुए टीम के कार्यों की प्रशंसा की।