
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार यहां विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में प्रदेश के गौ आश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंश के भरण पोषण की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि रबी फसल की कटाई के दृष्टिगत पशुओं के लिए वर्ष पर्यन्त भूसे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सभी जनपदों में 25 मार्च, 2026 तक भूसे से संबंधित टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि आगामी ग्रीष्मऋतु में गर्मी एवं लू से बचाव हेतु गो आश्रय स्थलों में स्वच्छ पेयजल, चारा तथा त्रिपाल आदि की पर्याप्त व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाये।
पशुधन मंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न योजनाओं में बजट आंवटन तथा वित्तीय स्वीकृतियों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है अतः आंवटित बजट के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियों को समय से निर्गत कराकर धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया जाये। किसी भी मद का बजट सरेंडर न होने पाए।
सिंह ने निर्देश दिये कि प्रदेश में नस्ल सुधार एवं कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम तथा बकरी पालन जैसी लाभार्थी परक योजनाओं की प्रगति में प्रभावी कदम उठाये जाये। पशुचिकित्साधिकारी गौ आश्रयस्थल पर जाकर गोवंश के उत्तम स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं औषधि की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
बैठक में पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश में 469 वृहद गो संरक्षण केन्द्रों का निर्माण पूर्ण हो गया है तथा 30 केन्द्रों का लोकार्पण प्रस्तावित है। पशुधन मंत्री द्वारा निर्माणाधीन 130 केन्द्रों का 15 मई, 2026 तक शत प्रतिशत निर्माण पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये गये है।
बैठक में पीसीडीएफ के एमडी वैभव श्रीवास्तव, डा० मेमपाल सिंह, निदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन, डा० राजेन्द्र प्रसाद, निदेशक, रोग नियन्त्रण एवं प्रक्षेत्र तथा डा० पी०के० सिंह, सी०ई०ओ०, यू०पी०एल०डी०बी० सहित अन्य योजनाधिकारी उपस्थित रहे।