
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : आज के समय में हर साइंस स्टूडेंट का सपना होता है कि वह किसी बड़े और नामी संस्थान से पढ़ाई करे, जहाँ उसे अच्छी लैब, बढ़िया फैकल्टी और रिसर्च का असली माहौल मिले। अगर आप भी 12वीं के बाद साइंस में बड़ा करना चाहते हैं, तो आपके लिए आईआईएसईआर का रास्ता खुल गया है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू करने की घोषणा की है। परीक्षा 7 जून, 2026 को होगी। सबसे जरूरी बात यह है कि अब सभी 7 आईआईएसईआर में एडमिशन सिर्फ आईएटी स्कोर के आधार पर होगा, जेईई स्कोर से दाखिला नहीं मिलेगा।
आईआईएसईआर बरहामपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति, इन सभी कैंपस में अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए यही एकमात्र परीक्षा है। इच्छुक छात्र 5 मार्च से 13 अप्रैल, 2026 तक ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। 24 मई को एडमिट कार्ड जारी होगा और परीक्षा 7 जून को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक होगी।
योग्यता की बात करें तो छात्र ने 2024, 2025 या 2026 में 12वीं साइंस स्ट्रीम से कम से कम 60 प्रतिशत अंक (एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास किया हो। फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बायोलॉजी में से कम से कम तीन विषय पढ़े होना जरूरी है। कुछ खास कोर्स में मैथ्स अनिवार्य है।
आईआईएसईआर में पढ़ाई का फायदा यह है कि यहाँ सिर्फ किताबों तक सीमित पढ़ाई नहीं होती, बल्कि रिसर्च, इंटर्नशिप, इंडस्ट्री के साथ काम और इंटरनेशनल एक्सचेंज जैसे मौके भी मिलते हैं। यहाँ से पढ़े छात्र आगे चलकर पीएचडी, रिसर्च और बड़े संस्थानों में करियर बनाते हैं।
प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ने कहा, “हमारा कैंपस शांत और हरियाली से भरा है, जहां छात्र खुलकर सोच और सीख सकते हैं। हम पढ़ाई के साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी बराबर ध्यान देते हैं।”
प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा, “आईएटी सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि हमारे रिसर्च माहौल में प्रवेश का जरिया है। यहां साइंस के साथ इंजीनियरिंग और इकोनॉमिक्स का भी अच्छा तालमेल है।”
प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा, “हम आने वाली पीढ़ी के वैज्ञानिक तैयार कर रहे हैं। हमारा माहौल छात्रों में जिज्ञासा और लीडरशिप दोनों विकसित करता है।”
प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा, “यहाँ जिज्ञासा को दिशा मिलती है और विज्ञान का जुनून नई खोज में बदलता है। हम पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों को भी महत्व देते हैं।”
प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा, “हमारे यहाँ विश्वस्तरीय सुविधाएं और मजबूत रिसर्च कल्चर है। छात्र यहाँ सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं।”
प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा, “हम इंटरडिसिप्लिनरी पढ़ाई पर जोर देते हैं। हमारा उद्देश्य छात्रों को भविष्य की वैज्ञानिक चुनौतियों के लिए तैयार करना है।”
प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा, “हम रिसर्च आधारित 5 साल का बीएस-एमएस प्रोग्राम देते हैं। यहाँ छात्रों को मेजर-माइनर और डुअल डिग्री के कई विकल्प मिलते हैं।”