
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : भारत रत्न राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के नाना जी उपवन में भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे के नेतृत्व में ग्रामोदय परिवार ने नाना जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर बाल्मीकि सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने कहा कि नाना जी के विचारों और कार्यों का लाभ प्रदेश सहित देश-विदेश तक भी पहुँचे, इस उद्देश्य से विश्वविद्यालय में “नाना जी देशमुख विचार केंद्र” एवं “नाना जी पीठ” की स्थापना की जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल ग्रामोदय से विश्वोदय की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध होगी।

प्रो. चौबे ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना नाना जी देशमुख की परिकल्पना पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा की गई थी और उन्हें संस्थापक कुलाधिपति नियुक्त किया गया था। ग्रामीण पुनर्निर्माण, सामाजिक समरसता और स्वावलंबन के उनके आदर्श आज भी विश्वविद्यालय की अकादमिक, शोध एवं प्रसार गतिविधियों का आधार हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के जीवन दर्शन से प्रेरित नाना जी देशमुख ने महात्मा गांधी को शाश्वत प्रेरणास्रोत मानते हुए ग्रामोदय विश्वविद्यालय की संकल्पना की थी। आज विश्वविद्यालय उनके व्यक्तित्व, कृतित्व, चिंतन और नवाचारों को आत्मसात करते हुए ग्रामोदय से विश्वोदय की दिशा में चिंतन एवं प्रयास प्रारंभ कर चुका है।

कुलगुरु ने विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे नाना जी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्य में उतारें—यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय ने आभार व्यक्त किया तथा संचालन प्रो. ललित कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर विज्ञान एवं पर्यावरण संकाय के अधिष्ठाता प्रो. एस. के. चतुर्वेदी सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।