“रामेश्वरम के लिए नया पंबन पुल प्रौद्योगिकी और परंपरा के मिलन का प्रतीक है” : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, रामेश्वरम : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के रामेश्वरम में 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इससे पहले उन्होंने भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट समुद्री पुल – नए पंबन रेल ब्रिज का उद्घाटन किया और सड़क पुल से एक ट्रेन और एक जहाज को हरी झंडी दिखाई और पुल का संचालन देखा। उन्होंने रामेश्वरम में रामनाथस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा भी की।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आज श्री राम नवमी का पावन अवसर है। उन्होंने कहा कि आज ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर में सूर्य की दिव्य किरणों ने रामलला को भव्य तिलक से सुसज्जित किया। उन्होंने कहा, “भगवान श्री राम का जीवन और उनके शासनकाल से मिली सुशासन की प्रेरणा राष्ट्र निर्माण के लिए आधार के रूप में काम करती है।” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के संगम-युगीन साहित्य में भी भगवान श्री राम का उल्लेख है !

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री ने नए पंबन रेल पुल का उद्घाटन किया और रामेश्वरम-तांबरम (चेन्नई) नई रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई। रामायण के अनुसार, राम सेतु का निर्माण रामेश्वरम के पास धनुषकोडी से शुरू हुआ था। रामेश्वरम को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला यह पुल वैश्विक मंच पर भारतीय इंजीनियरिंग की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में खड़ा है। इसे 700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। इसकी लंबाई 2.08 किमी है, इसमें 99 स्पैन और 72.5 मीटर का वर्टिकल लिफ्ट स्पैन है जो 17 मीटर की ऊंचाई तक उठता है, जिससे जहाजों की सुचारू आवाजाही की सुविधा मिलती है और साथ ही निर्बाध ट्रेन संचालन सुनिश्चित होता है। स्टेनलेस स्टील सुदृढीकरण, उच्च श्रेणी के सुरक्षात्मक पेंट और पूरी तरह से वेल्डेड जोड़ों के साथ निर्मित है पुल !

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