
अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में उन्नत स्वस्थ गोवंश को बढ़ावा देने हेतु, प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनोमी बनाने हेतु, दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा संचालित नन्द बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रचार-प्रसार तथा प्रदेश के डेयरी सेक्टर में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में मण्डलवार “डेरी कांन्क्लेव स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम (स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य खुशहाल उत्तर प्रदेश) कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
मण्डलवार आयोजनों की श्रृंखला में पिछले 05 मई, 2026 को जनपद मेरठ में सम्पन्न हुआ और गुरुवार राव कृष्ण पाल सिंह ऑडिटोरियम, आर०पी०एल० कॉलेज, आगरा में “डेरी कांन्क्लेव स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम (स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य खुशहाल उत्तर प्रदेश) कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्मपाल सिंह, मंत्री, पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन, उ०प्र० सरकार, मुकेश कुमार मेश्राम अपर मुख्य सचिव, पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य, श्रीमती धनलक्ष्मी के०, दुग्ध आयुक्त एवं आगरा तथा अलीगढ़ मण्डल के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में आगरा एवं अलीगढ़ मण्डल के कृषकों/गो पालकों / दुग्ध उत्पादकों/उद्यमियों / निवेशकों के लगभग 1000 से अधिक की सहभागिता रही। साथ ही वेब कास्टिंग / लाइव यूट्यूब के माध्यम से प्रदेश के अन्य जनपदों के गौपालक / उद्यमियों को जोड़कर विभिन्न योजनाओं, नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ विषय विशेषज्ञों द्वारा साझा की गयी।
धर्मपाल सिंह, मंत्री, पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन, उ०प्र० सरकार द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित समस्त निवेशकगण / उद्यमी / दुग्ध उत्पादक/ कृषकों को सम्बोधित करते हुए उ०प्र० में विगत 10 वर्षों में डेयरी विकास पर प्रकाश डालते हुए इस क्षेत्र में दुग्ध विकास विभाग द्वारा किये गये अभूतपूर्व कार्यों को सराहा तथा इन दोनों मण्डलों में निजी क्षेत्र में निवेश की अपार सम्भावनाओं के दृष्टिगत दुग्ध विकास विभाग को सक्रीय भूमिका निभाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि निवेश से न केवल राज्य समृद्ध होगा, बल्कि हमारे किसानों / अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।
मुकेश कुमार मेश्राम, अपर मुख्य सचिव द्वारा कार्यक्रम में पधारे कृषकों/गो पालकों / दुग्ध उत्पादकों / उद्यमियों / निवेशकों का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में संचालित विभिन्न योजनाओं के बहुआयामी लाभों पर प्रकाश डालते हुए योजनाओं से पशुपालकों / गौपालकों के जीवन स्तर में आने वाले बदलावों पर विस्तृत चर्चा की गयी।
कार्यक्रम में श्रीमती धनलक्ष्मी के०, दुग्ध आयुक्त द्वारा स्वागत सम्बोधन के साथ अवगत कराया गया कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है तथा इस स्थिति को बनाये रखने हेतु राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय प्रदान की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्राप्त हुआ है। इसी परिप्रेक्ष्य में विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादकों को अपने उत्पादन में गुणवत्तापरक दुग्ध उत्पादन हेतु नन्द बाबा दुग्ध मिशन एवं उपभोक्ताओं को वैश्विक स्तर के गुणवत्तायुक्त दूध एवं दुग्ध उत्पाद उपलब्ध हो सके, इसके लिए उ०प्र० दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 प्रख्यापित की गयी है। आज डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। आज उत्तर प्रदेश वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है, जिसमें विभाग अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा, जिसका लाभ सीधे कृषकों/गो पालकों / दुग्ध उत्पादकों / उद्यमियों / निवेशकों को हो रहा है। नन्द बाबा दुग्ध मिशन की योजनाओं में इन दोनों मण्डलों में 762 लाभार्थियों को लगभग रूपये 0 500.00 लाख से अधिक की धनराशि वितरण तथा दुग्ध नीति-2022 के अन्तर्गत इन्हीं मण्डलों में उद्यमियों/ निवेशकों को लगभग रूपये 0 800.00 लाख के अनुदान धनराशि की जा चुकी है।
कार्यक्रम में नन्द बाबा दुग्ध मिशन के लाभार्थियों द्वारा अपनी सफलता की गाथा तथा सहज, रवि लाला, अल्फा डेयरी, भोले बाबा जैसे बड़े ब्रान्ड के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुतीकरण किया गया साथ ही सम्राट कौशिक, प्रोजेक्ट मैनेजर, माताजी गौशाला, मथुरा द्वारा बायोगैस एवं दीपक कम्बोज़, एनडीडीबी तथा देवासु, मथुरा के डेयरी एक्सपर्ट द्वारा नवाचार के सम्बन्ध में अपने अनुभव साझा किए गए।
कार्यक्रम में निजी एवं सहकारी डेयरी जैसे पराग, सहज, रवि लाला, अल्फा डेयरी, कुमार मिल्क प्रोटीन, विजय ट्रेडिंग कम्पनी जैसे बडे ब्राण्डों के स्टॉल लगाकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया गया।
आयोजन में विभाग की ओर से अरविन्द कुमार सिंह, वित्त नियंत्रक, डा० राम सागर, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी, ए०पी०सिंह, मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी, इन्द्रभूषण सिंह, राजेश सोनकर, पंकज, विकास बालियान, हृदेश यादव, अनिल
कुमार, आशुतोष सिन्हा एवं दीपक राठौर के द्वारा महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। अन्त में मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी, दुग्धशाला विकास उ०प्र० द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का सफल समापन किया गया।