
अशाेक यादव, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के आबकारी राजस्व में 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 06 हजार करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। योगी सरकार की शराब से जबरदस्त कमाई हो रही है। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान प्रदेश सरकार को शराब से हासिल राजस्व में 20.45 फीसदी की उछाल आया है। आबकारी विभाग की ओर से शनिवार को जारी बयान के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में 31 मार्च तक सरकार को 36,208.44 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। यह राशि पिछले साल की तुलना में 20.45 प्रतिशत अधिक (6147 करोड़ रुपये) है।
आबकारी विभाग ने बताया था कि योगी सरकार के पहले शासन के चार साल के दौरान वित्त वर्ष 2017-18 से 2020-2021 के बीच शराब की 2,076 नई दुकानों को लाइसेंस मिला था। ये लाइसेंस चार अलग-अलग तरह की खुदरा दुकानों के लिए जैसे देसी शराब, विदेशी शराब, बीयर शॉप और मॉडल शॉप के लिए दिए जाते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च 2021 में भी शराब की कीमतों में वृद्धि की गई थी। उस वक्त सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से कोविड सेस लगाया था। जिसकी वजह से 10 रुपये से लेकर 40 रुपये तक की वृद्धि की गई थी।
गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य सरकार को 30,061.44 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ था। आबकारी विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी ने कहा कि विभाग ने अपने वादे के मुताबिक लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कोरोना की लगातार तीन लहरों में लंबे समय तक चले लॉकडाउन और रात्रिकालीन कर्फ्यू के बावजूद हासिल हुई है।
