
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में भौतिकी विभाग द्वारा आपदा शमन एवं भारत-जापान सहयोग पर जापानी प्रतिनिधिमंडल का विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो- कम्युनिकेशन्स, टोक्यो, जापान के कंप्यूटर एवं नेटवर्क इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. यासुहिदे होबारा उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर स्कूल ऑफ फिजिकल एंड डिसिजन साइंसेज, बीबीएयू के संकायाध्यक्ष प्रो. सुरिंदर कुमार, प्रो. हिरोकी फुरुकाव, एसोसिएट प्रोफेसर, कैरियर सपोर्ट सेंटर, यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो- कम्युनिकेशन्स, टोक्यो, जापान , भौतिक विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष प्रो. देवेश कुमार , प्रो. बी.सी. यादव , र्योसुके सासाकी, स्टाफ, इंटरनेशनल अफेयर्स ऑफिस मौजूद रहे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अपने कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया तथा बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ, भारत और यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो- कम्युनिकेशन्स, टोक्यो, जापान के मध्य प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) पर चर्चा की।

प्रो. यासुहिदे होबारा ने ‘आब्जर्वेशन ऑफ लाइटनिंग एंड सिस्मो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फिनोमिना: एप्लीकेशन टू मीटीरोलॉजिकल एंड सिस्मिक हज़ार्ड माइटेगेशन (Observation of Lightning and Seismo-Electromagnetic Phenomena: Application to Meteorological and Seismic Hazard Mitigatio) विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने सिस्मो-इलेक्ट्रोमैग्नेटिज़्म की उभरती तकनीक तथा अल्पकालिक भूकंप पूर्वानुमान में उसके संभावित उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की।

प्रो. होबारा एवं प्रो. फुरुकावा ने अपने विश्वविद्यालय में भारतीय विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं शोध अवसरों की जानकारी दी, जबकि श्री सासाकी ने आवेदन प्रक्रिया एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग सेवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के उद्देश्य संयुक्त शोध संभावनाओं का अन्वेषण करना तथा जापान – इंडिया स्मार्ट टेक्नोलॉजी टेलेंट डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म फॉर सोसाइटी 5.0 (Japan-India Smart Technology Talent Development Platform for Society 5.0) के अंतर्गत सहयोग पर विचार-विमर्श करना था।