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	<title>अध्यात्म Archives - Suryoday Bharat</title>
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	<description>Hindi News Agency</description>
	<lastBuildDate>Mon, 25 May 2026 11:02:53 +0000</lastBuildDate>
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		<title>नारी शक्ति नई उड़ान : पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल की 35 महिला कर्मचारियों द्वारा नैमिषारण्य तीर्थ भ्रमण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 11:01:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : पूर्वाेत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल द्वारा नारी सशक्तिकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ मण्डल की महिला कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय ‘महिला पर्यटन एवं भ्रमण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे लखनऊ से नैमिषारण्य तीर्थ स्थल एवं आसपास के पर्यटन स्थलों का 35 महिला कर्मचारियों को &#8230;</p>
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<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : पूर्वाेत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल द्वारा नारी सशक्तिकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ मण्डल की महिला कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय ‘महिला पर्यटन एवं भ्रमण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे लखनऊ से नैमिषारण्य तीर्थ स्थल एवं आसपास के पर्यटन स्थलों का 35 महिला कर्मचारियों को रेल प्रशासन द्वारा जलपान एवं भोजन तथा सुरक्षा एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के साथ निःशुल्क भ्रमण कराया गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="828" height="1024" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.55-828x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-312289" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.55-828x1024.jpeg 828w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.55-243x300.jpeg 243w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.55-768x950.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.55-1242x1536.jpeg 1242w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.55.jpeg 1294w" sizes="(max-width: 828px) 100vw, 828px" /></figure>



<p>इस दौरान उन्हें नैमिषारण्य तीर्थ स्थल के साथ चंद्रिका देवी मंदिर, चक्रतीर्थ स्थल, वेदव्यास जी, हनुमान गढ़ी मंदिर, ललिता देवी मंदिर, बाला जी मंदिर तथा विष्णु मंदिर आदि के दर्शन कराए गए।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="639" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.39-1024x639.jpeg" alt="" class="wp-image-312290" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.39-1024x639.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.39-300x187.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.39-768x479.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.39-1536x958.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-15.31.39.jpeg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>मण्डल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने कहा की इस तरह के आयोजन महिलाओं में आत्मनिर्भरता और पर्यटन के प्रति जागरूकता को बढ़ाते हैं तथा सांस्कृतिक विरासत का प्रसार भी करते है।</p>
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		<title>आरएसएस के कर्मयोगी : नानाजी देशमुख और चित्रकूट से ग्रामोदय की ऐतिहासिक यात्रा</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/rss-karmayogi-nanaji-deshmukh-and-the-historic-journey-from-chitrakoot-to-gramodaya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 May 2026 12:21:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>डॉ जय प्रकाश शुक्ल, चित्रकूट : भारत के ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि गांव केवल गरीबी, अशिक्षा और पिछड़ेपन के प्रतीक हैं। लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं प्रखर राष्ट्रचिंतक नानाजी देशमुख ने इस सोच को बदलने का कार्य किया। उन्होंने गांवों में केवल समस्याएं नहीं &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-10-at-17.39.42.jpeg" alt="" class="wp-image-311432" style="width:840px;height:auto" /></figure>



<p>डॉ जय प्रकाश शुक्ल, चित्रकूट : भारत के ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर लंबे समय तक यह धारणा बनी रही कि गांव केवल गरीबी, अशिक्षा और पिछड़ेपन के प्रतीक हैं। लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं प्रखर राष्ट्रचिंतक नानाजी देशमुख ने इस सोच को बदलने का कार्य किया। उन्होंने गांवों में केवल समस्याएं नहीं देखीं, बल्कि वहां भारत की आत्मा और राष्ट्र निर्माण की अपार संभावनाएं देखीं।<br>भारतीय जनसंघ के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल रहे नानाजी देशमुख ने सक्रिय राजनीति के शिखर पर पहुंचने के अवसरों को त्यागकर समाज सेवा और ग्रामोदय का मार्ग चुना। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद उन्होंने 60 वर्ष की आयु में राजनीति से संन्यास लेकर स्वयं को पूर्णतः ग्रामीण पुनर्निर्माण के कार्य में समर्पित कर दिया।</p>



<p>चित्रकूट को बनाया कर्मभूमि</p>



<p>नानाजी देशमुख ने अपने प्रयोगों के लिए चुना चित्रकूट का वह क्षेत्र, जो वर्षों से गरीबी, जल संकट, अशिक्षा और पलायन जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। उन्होंने यहां केवल योजनाओं की घोषणा नहीं की, बल्कि गांवों में रहकर लोगों के साथ मिलकर कार्य किया।<br>उनका स्पष्ट विश्वास था कि यदि गांव आत्मनिर्भर बनेंगे, तो भारत स्वतः मजबूत और समृद्ध बन जाएगा। इसी विचार के साथ उन्होंने ग्राम स्वावलंबन का ऐसा मॉडल विकसित किया, जिसकी चर्चा पूरे देश में होने लगी।</p>



<p>दीनदयाल शोध संस्थान बना परिवर्तन का केंद्र</p>



<p>ग्रामीण विकास के इस अभियान को संगठित स्वरूप देने के लिए दीनदयाल शोध संस्थान को मजबूत आधार प्रदान किया गया। संस्थान के माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में व्यापक कार्य प्रारंभ हुए।</p>



<p>नानाजी देशमुख का मॉडल सरकारी अनुदान आधारित नहीं था।</p>



<p>वे जनभागीदारी और आत्मनिर्भरता में विश्वास रखते थे। गांव के लोग स्वयं अपने विकास के भागीदार बनें—यही उनके कार्य का मूल आधार था।</p>



<p>जल संरक्षण से बदली तस्वीर</p>



<p>चित्रकूट क्षेत्र लंबे समय तक जल संकट से प्रभावित रहा। नानाजी देशमुख के मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों और ग्रामीणों ने मिलकर तालाब, छोटी बांध संरचनाएं, जलसंचयन एवं संरक्षण के अनेक कार्य किए। परिणामस्वरूप सूखे और बंजर क्षेत्र धीरे-धीरे हरियाली में बदलने लगे तथा कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई।<br>उन्होंने किसानों को जैविक खेती, उन्नत कृषि तकनीक और स्थानीय संसाधनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली।</p>



<p>शिक्षा, संस्कार और स्वावलंबन का समन्वय</p>



<p>नानाजी देशमुख का मानना था कि विकास केवल भवनों और सड़कों के निर्माण से नहीं होता, बल्कि समाज में आत्मविश्वास, शिक्षा और संस्कार जागृत होने से होता है। इसी सोच के साथ बच्चों के लिए विद्यालय, युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण तथा महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता कार्यक्रम संचालित किए गए।<br>उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को रोजगार और सामाजिक चेतना से जोड़ने का प्रयास किया।</p>



<p>महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना</p>



<p>ग्रामीण विकास की इसी व्यापक अवधारणा को संस्थागत स्वरूप देने हेतु महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, जिसे भारत का प्रथम ग्रामीण विश्वविद्यालय माना जाता है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य था—गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण की व्यवस्था विकसित करना।<br>विश्वविद्यालय में कृषि, ग्रामीण विकास, सामाजिक कार्य, ग्राम प्रबंधन, जैविक खेती, पंचायती राज, पर्यावरण और स्वावलंबन आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया गया। यहां शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामोदय और राष्ट्रोदय का साधन माना गया।<br>विश्वविद्यालय के संचालन में भी नानाजी देशमुख की ग्रामकेंद्रित सोच स्पष्ट दिखाई देती है। यहां विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन, सेवा और व्यवहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जाता रहा है। ग्रामोदय विश्वविद्यालय आज भी ग्रामीण पुनर्निर्माण की अवधारणा का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।<br>राष्ट्र ने किया सम्मान<br>चित्रकूट मॉडल की चर्चा देश और विदेश तक पहुंची। अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने यहां के विकास मॉडल का अध्ययन किया। राष्ट्र निर्माण और ग्रामीण उत्थान में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने नानाजी देशमुख को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से अलंकृत किया।<br>किन्तु उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान ग्रामीण समाज का विश्वास और आत्मीयता थी।</p>



<p>राष्ट्र निर्माण का जीवंत उदाहरण</p>



<p>नानाजी देशमुख ने उपेक्षित ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर भारत के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया।<br>नानाजी देशमुख का जीवन यह संदेश देता है कि राष्ट्र निर्माण केवल संसदों और महानगरों में नहीं होता, बल्कि गांवों की मिट्टी, श्रम और समाज की सहभागिता से भी होता है। जब कोई स्वयंसेवक सत्ता नहीं, बल्कि समाज को चुनता है, तब इतिहास केवल लिखा नहीं जाता—वह जिया जाता है।</p>



<p></p>
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		<title>भारत-रूस सहयोग के अंतर्गत रोजगार सृजन हेतु वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक आयोजित</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/a-video-conference-meeting-was-held-on-employment-generation-under-india-russia-cooperation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 05:53:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[विकास]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / सेंट पीटर्सबर्ग : उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत विगत दिवस मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश अनिल राजभर एवं मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री चेरेमीन शेरगे के मध्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="473" height="1024" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-07-at-05.25.15-473x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-311148" style="width:840px;height:auto" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-07-at-05.25.15-473x1024.jpeg 473w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-07-at-05.25.15-139x300.jpeg 139w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-07-at-05.25.15.jpeg 591w" sizes="auto, (max-width: 473px) 100vw, 473px" /></figure>



<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / सेंट पीटर्सबर्ग : उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत विगत दिवस मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश अनिल राजभर एवं मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री चेरेमीन शेरगे के मध्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के माध्यम से प्रदेश के कुशल कामगारों को वैधानिक एवं सुव्यवस्थित प्रक्रिया के अंतर्गत रूस की विभिन्न कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। बैठक का शुभारंभ भारत एवं रूस के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों पर विचार-विमर्श के साथ हुआ तथा उत्तर प्रदेश के कुशल एवं प्रचुर मानव संसाधन की वैश्विक स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के विषय में सकारात्मक चर्चा की गई।</p>



<p>मॉस्को सरकार के मंत्री चेरेमीन शेरगे द्वारा अवगत कराया गया कि मॉस्को शहर में विभिन्न क्षेत्रों में 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं तथा रूस के अन्य क्षेत्रों में भी लाखों की संख्या में कुशल मानव संसाधन की मांग है। विशेष रूप से निर्माण कार्य, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, कारपेंटर आदि तकनीकी क्षेत्रों में कार्यबल की आवश्यकता पर बल दिया गया। इस क्रम में सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आगामी आर्थिक फोरम में उत्तर प्रदेश से मंत्री श्रम एवं सेवायोजन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया, जिससे भविष्य की कार्ययोजना एवं सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जा सके। मंत्री अनिल राजभर द्वारा इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस पहल में सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका वहन की जाएगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="546" height="1024" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-14.42.16-546x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-311149" style="width:840px;height:auto" /></figure>



<p>बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश के मंत्री द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश के युवाओं के मध्य यह भ्रांति व्याप्त है कि रूस में रोजगार हेतु जाने पर उन्हें सेना में शामिल कर लिया जाता है। इस पर रूस के मंत्री चेरेमीन शेरगे द्वारा आश्वस्त किया गया कि समस्त प्रक्रिया पूर्णतः वैधानिक, पारदर्शी एवं सुरक्षित होगी तथा किसी भी प्रकार की बाध्यता या जोखिम युवाओं पर नहीं डाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के इच्छुक युवाओं को किसी प्रकार की अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।</p>



<p>इसके अतिरिक्त, रूसी पक्ष द्वारा यह सुझाव दिया गया कि रोजगार हेतु इच्छुक युवाओं को रूसी भाषा का ज्ञान होना आवश्यक है। इस पर उत्तर प्रदेश के मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रदेश में पहले से ही जापानी एवं जर्मन भाषाओं का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है तथा शीघ्र ही रूसी भाषा को भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।</p>



<p>इस बैठक में उत्तर प्रदेश शासन की ओर से डॉ. शणमुगा सुंदरम, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, श्रीमती नेहा प्रकाश, निदेशक, सेवायोजन, प्रमोद कुमार पुंडीर, अपर निदेशक, सेवायोजन एवं श्रीमती मनीषा अत्री, जिला सेवायोजन अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर उपस्थित रहीं। मॉस्को सरकार की ओर से डारिया पुस्तावालोवा ,हेड ऑफ कोऑर्डिनेशन डिविजन एवं मंत्री के सलाहकार डॉ. जॉर्ज जरिकत भी बैठक में सम्मिलित हुए। उक्त बैठक का समन्वय श्री अरुण ज़ुरेल, फाउंडर एवं सीईओ, बीएसएल कंसल्टिंग, नोएडा द्वारा किया गया।</p>



<p>यह बैठक उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी तथा इससे भारत-रूस के मध्य आर्थिक एवं श्रम सहयोग को और अधिक सुदृढ़ता प्राप्त होगी।</p>
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		<title>चित्रकूटधाम पधारे परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज ने डीआरआई के प्रकल्पों का किया भ्रमण</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/paramahansa-swami-shri-adgadanand-ji-maharaj-who-visited-chitrakootdham-toured-the-projects-of-the-dri/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 12:15:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : यथार्थ गीता के प्रणेता परमपूज्य सदगुरुदेव परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज ने अपने चित्रकूट प्रवास के दूसरे दिन दीनदयाल शोध संस्थान के आरोग्यधाम परिसर में संस्थान के कार्यकर्ताओं एवं शिष्यों को आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि गीता का ज्ञान केवल अर्जुन के लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवमात्र &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/paramahansa-swami-shri-adgadanand-ji-maharaj-who-visited-chitrakootdham-toured-the-projects-of-the-dri/">चित्रकूटधाम पधारे परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज ने डीआरआई के प्रकल्पों का किया भ्रमण</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.02.48-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-311108" /></figure>



<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : यथार्थ गीता के प्रणेता परमपूज्य सदगुरुदेव परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज ने अपने चित्रकूट प्रवास के दूसरे दिन दीनदयाल शोध संस्थान के आरोग्यधाम परिसर में संस्थान के कार्यकर्ताओं एवं शिष्यों को आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि गीता का ज्ञान केवल अर्जुन के लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवमात्र के लिए भी है, जो सांसारिक दुखों से मुक्ति और आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है। यूँ तो जीवन में सोचने को तो लाख बातें हैं और न सोचे तो कुछ नही, उनमें पूरी वही होगी जिसे ईश्वर चाहेंगे। गीता को धर्मशास्त्र घोषित किया है तो गीता ही धर्मशास्त्र है सदैव था, आज है और भविष्य में भी रहेगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="769" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.11-1024x769.jpeg" alt="" class="wp-image-311109" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.11-1024x769.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.11-300x225.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.11-768x577.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.11-1536x1154.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.11-2048x1538.jpeg 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>ब्रह्मानन्दं परमसुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिं, द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्ष्यम्।<br>एकं नित्यं विमलमचलं सर्वधीसाक्षिभूतं,भावातीतं त्रिगुणरहितं सद्गुरुं तं नमामि॥<br>जीवन मे सद्गुरु के बिना कल्याण नही हो सकता इसलिए उसकी पहचान करो फिर अपनाओ कपड़े रंगने से आप भवकूप से पार नही हो सकते हो अर्थात अपनी क्षमता बढाओ।</p>



<p>स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज ने कहा कि दो ढाई अक्षर का छोटा सा नाम ओऊम कहो अथवा राम, किसी भाषा में कह सकते हो। क्योंकि परमात्मा राम ने कहा है कि कोई कुसंस्कार ऐसा नही जो प्रभु चरणों एवं उनकी शरण में जाने से न कट जाए। अर्जुन ने भगवान कृष्ण से पूंछा था कि भगवान कहाँ प्राप्त होंगे भगवान ने उत्तर दिया कि किसी तत्वदर्शी महापुरुष के पास निष्कपट भाव से सेवा करके इसे प्राप्त कर सकते हो क्योंकि वे तत्व का उपदेश करेंगे प्रत्यक्ष साक्षात्कार के साथ मिलने वाली जानकारी का नाम केवल ज्ञान है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.12-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-311110" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.12-1024x576.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.12-300x169.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.12-768x432.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.12-1536x864.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.12-390x220.jpeg 390w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.03.12.jpeg 1599w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>भारत जब जब अयोग्य हाथों में गया तब तब भारत की आध्यत्मिकता खटाई में पड़ी है। आज देश में जो करोड़ों मुसलमान हैं वो एक भी मुसलमान नही हैं, सनातनी हिन्दू हैं हमारे सगे भाई हैं। आज वे भूल गए हैं कि उनका घराना यह है। जिस दिन से गीता पा जाओगे उनको भी दे दोगे वे अपना घराना पा जाएंगे। वे जान जाएंगे कि हम पतित कभी नही हुए आप भी जान जाओगे कि ये पतित होने का तरीका नही है। प्रभु में श्रद्धा कदाचित कम हो गई है अर्थात हम वासनाओं में कहीं भटक गए हैं। अविद्या माया बड़ी दुष्ट तथा अत्यंत दुखदायिनी है इस अविद्या माया के कारण ही जीव भव बंधन में पड़ता है। अतः सभी अविद्या का नाश कर सत्य एवं अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानो तथा विश्व कल्याण में युत हो जाओ।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.02.48-1-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-311111" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.02.48-1-1024x576.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.02.48-1-300x169.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.02.48-1-768x432.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.02.48-1-1536x864.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.02.48-1-390x220.jpeg 390w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-06-at-17.02.48-1.jpeg 1599w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस अवसर पर दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन द्वारा संस्थान द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न समाजोपयोगी गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। स्वामी जी को दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न प्रकल्पों का भ्रमण कराया गया, जिसमें गुरुकुल संकुल, राम दर्शन, उद्यमिता विद्यापीठ, गौवंश विकास अनुसंधान केन्द्र, दीनदयाल परिसर प्रमुख रहे। भ्रमण के ही अन्तर्गत रामनाथ आश्रमशाला में 24 अप्रैल से 10 मई तक संचालित हो रहे व्यक्तित्व विकास शिविर का भी अवलोकन कराया गया। इस दौरान स्वामी जी शिविर में प्रतिभागी ग्रामीण बच्चों से भी रूबरू हुए और और वहाँ की दिनचर्या व विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण ले रहे बच्चों की गतिविधियों को भी समझा।</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/paramahansa-swami-shri-adgadanand-ji-maharaj-who-visited-chitrakootdham-toured-the-projects-of-the-dri/">चित्रकूटधाम पधारे परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज ने डीआरआई के प्रकल्पों का किया भ्रमण</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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		<title>परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज दो दिवसीय प्रवास पर पहुँचे चित्रकूट, भंडारे में होंगे सम्मलित</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/paramhans-swami-shri-adgadanand-ji-maharaj-reached-chitrakoot-on-a-two-day-stay-will-be-present-at-bhandara/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 May 2026 09:58:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : यथार्थ गीता के प्रणेता परमपूज्य सदगुरुदेव परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज का दो दिवसीय चित्रकूट शुभागमन 5 मई को आरोग्यधाम परिसर में हुआ, जहाँ से वह परमपूज्य दादागुरु की पावन भूमि समाधि स्थल श्री परमहंस आश्रम अनुसुइया चित्रकूट जायेंगे एवं वहाँ आयोजित होने वाले दो दिवसीय भंडारे में &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/paramhans-swami-shri-adgadanand-ji-maharaj-reached-chitrakoot-on-a-two-day-stay-will-be-present-at-bhandara/">परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज दो दिवसीय प्रवास पर पहुँचे चित्रकूट, भंडारे में होंगे सम्मलित</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-05-at-14.34.29-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-310999" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : </strong>यथार्थ गीता के प्रणेता परमपूज्य सदगुरुदेव परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज का दो दिवसीय चित्रकूट शुभागमन 5 मई को आरोग्यधाम परिसर में हुआ, जहाँ से वह परमपूज्य दादागुरु की पावन भूमि समाधि स्थल श्री परमहंस आश्रम अनुसुइया चित्रकूट जायेंगे एवं वहाँ आयोजित होने वाले दो दिवसीय भंडारे में सम्मलित होंगे।</p>



<p>गौरतलब है कि परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज प्रसिद्ध भारतीय संत और आध्यात्मिक गुरु हैं, आपको श्रीमद्भागवत गीता की व्याख्या &#8216;यथार्थ गीता&#8217; के रचयिता के रूप में जाना जाता है। आपका मुख्य उद्देश्य गीता के ज्ञान को जन-सामान्य की भाषा में समझाना है। यह पुस्तक बताती है कि गीता का ज्ञान केवल अर्जुन के लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवमात्र के लिए भी है, जो सांसारिक दुखों से मुक्ति और आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है। वर्तमान में आप उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के सक्तेशगढ़ आश्रम में निवास करते हैं। स्वामी जी का जन्म राजस्थान के जोधपुर जिले के ओसियां गाँव में एक भाटी राजपूत परिवार में हुआ था। मात्र 23 वर्ष की आयु में, आपने सत्य की खोज में घर त्याग दिया 1955 में, आप चित्रकूट के अनुसूइया में परमहंस स्वामी परमानंद जी महाराज की शरण में आए।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="771" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-05-at-14.34.30-1024x771.jpeg" alt="" class="wp-image-311000" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-05-at-14.34.30-1024x771.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-05-at-14.34.30-300x226.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-05-at-14.34.30-768x578.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-05-at-14.34.30-1536x1156.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-05-at-14.34.30.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आपने 15 वर्षों तक अपने गुरुदेव के सानिध्य में कठिन साधना की और अंतर्ज्ञान प्राप्त किया। आपने &#8216;यथार्थ गीता&#8217; की रचना की, जो गीता का सरल और व्यावहारिक भाष्य है। स्वामी जी का मुख्य आश्रम मिर्जापुर के सकतेशगढ़ में स्थित है। आपकी शिक्षा कर्म, योग और आत्म-साक्षात्कार पर केंद्रित है, आप गुरु को हृदय में धारण करने पर जोर देते हैं।</p>



<p>चित्रकूट आगमन पर आरोग्यधाम परिसर में दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन द्वारा उनका स्वागत सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर डॉ अनिल जायसवाल महाप्रबंधक दीनदयाल शोध संस्थान एवं सुनील जायसवाल, इं राजेश त्रिपाठी, अनिल कुमार सिंह, इंद्र कुमार पाण्डेय, मयंक यादव, राजू बाबा, बनारसीलाल पाण्डेय, अजय पाण्डेय, वरुण देव सिंह व संस्थान के कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रबन्ध निदेशक ए के सिंह, कृष्णा पाण्डेय, प्रबलराव श्रीवास्तव सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।</p>
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		<item>
		<title>बुद्ध पूर्णिमा पर बीबीएयू में भव्य आयोजन, बुद्ध के विचारों पर हुआ मंथन</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/grand-event-organized-in-bbau-on-buddha-purnima-brainstorming-on-buddhas-thoughts/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 May 2026 14:36:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर स्थायी आयोजन समिति एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के पैथोलॉजी विभाग के डॉ. सुरेश बाबू उपस्थित रहे। &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/grand-event-organized-in-bbau-on-buddha-purnima-brainstorming-on-buddhas-thoughts/">बुद्ध पूर्णिमा पर बीबीएयू में भव्य आयोजन, बुद्ध के विचारों पर हुआ मंथन</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-18.48.30-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-310804" /></figure>



<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर स्थायी आयोजन समिति एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के पैथोलॉजी विभाग के डॉ. सुरेश बाबू उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विशिष्ट अतिथि के तौर पर लोकबंधु अस्पताल, लखनऊ के पूर्व निदेशक डॉ. सुरेश कौशल, डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, प्रॉक्टर प्रो. राम चंद्रा , स्थायी आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. के.एल. महावर एवं इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एम. रवि कुमार मौजूद रहे। </p>



<p>मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश बाबू ने सभी को सभी को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि समस्त विश्व भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और दर्शन को मानता है। उन्होंने बताया कि बौद्ध धर्म एक तार्किक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोधपरक मानसिकता को बढ़ावा देता है, जो इसे अत्यंत प्रासंगिक बनाता है। साथ ही यह दर्शन समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्यों पर आधारित है, जो समाज को सशक्त और समरस बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सोच ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति होती है, इसलिए हमें सकारात्मक और तार्किक मानसिकता का विकास करना चाहिए। प्रो. बाबू ने यह भी उल्लेख किया कि आज के दौर में जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब बुद्ध के विचार हमें सही दिशा प्रदान करते हैं। इसीलिए शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से हम इन सिद्धांतों को अपने जीवन में उतार सकते हैं। अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे बुद्ध के आदर्शों को अपनाकर एक शांतिपूर्ण, समावेशी और प्रगतिशील समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-18.47.54-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-310805" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-18.47.54-1024x576.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-18.47.54-300x169.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-18.47.54-768x432.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-18.47.54-390x220.jpeg 390w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-18.47.54.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>विशिष्ट अतिथि डॉ. सुरेश कौशल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें स्वयं अपना दीपक बनकर ज्ञान और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाना होगा। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक व्यक्ति, विशेष रूप से विद्यार्थियों को, ऊर्जा के स्रोत बनकर समाज और अपने आसपास के वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। डॉ. कौशल ने बताया कि केवल बाहरी विकास ही नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मविश्लेषण भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि यही हमें अपनी कमियों को समझने और उन्हें सुधारने की दिशा में प्रेरित करता है। अंत में उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर बनें, अपनी क्षमताओं को पहचानें और निरंतर स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करें।</p>



<p>कार्यक्रम के दौरान ध्यान (मेडिटेशन) सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही सभी को पायस वितरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शिक्षक, गैर शिक्षण अधिकारी और कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/grand-event-organized-in-bbau-on-buddha-purnima-brainstorming-on-buddhas-thoughts/">बुद्ध पूर्णिमा पर बीबीएयू में भव्य आयोजन, बुद्ध के विचारों पर हुआ मंथन</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
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		<item>
		<title>बुद्ध पूर्णिमा पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर कार्यक्रम एवं कार्यकर्ताओं द्वारा भण्डारे का आयोजन</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/on-the-occasion-of-buddha-purnima-a-program-was-organized-at-the-state-headquarters-of-samajwadi-party-and-a-bhandara-was-organized-by-the-workers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 May 2026 14:22:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों और अन्य प्रदेशों के बौद्ध धर्मगुरू भन्ते बड़ी संख्या में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कार्यक्रम में &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://suryodaybharat.com/on-the-occasion-of-buddha-purnima-a-program-was-organized-at-the-state-headquarters-of-samajwadi-party-and-a-bhandara-was-organized-by-the-workers/">बुद्ध पूर्णिमा पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर कार्यक्रम एवं कार्यकर्ताओं द्वारा भण्डारे का आयोजन</a> appeared first on <a href="https://suryodaybharat.com">Suryoday Bharat</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="681" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.43-1024x681.jpeg" alt="" class="wp-image-310794" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : </strong>समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों और अन्य प्रदेशों के बौद्ध धर्मगुरू भन्ते बड़ी संख्या में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कार्यक्रम में पधारे सभी भन्ते बौद्धधर्म गुरूओं का आभार प्रकट किया और बौद्ध भिक्षुओं को सम्मानित किया।</p>



<p>इस अवसर पर अखिलेश यादव ने भगवान बुद्ध के रास्ते पर चलकर जीवन में खुशहाली लाने के लिए बौद्ध भिक्षुओं द्वारा किये जा रहे कार्यों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार चढ़ाव परेशानियां, दुःख, संकट आता रहता है। ये सब सभी के जीवन में होता है। भारत की धरती पर समय-समय पर जो ज्ञान दिया गया है उसमें सबसे बड़ा योगदान भगवान बुद्ध का है। उन्होंने भारत के साथ ही दुनिया में अपना संदेश फैलाया। जो देश आज ऊंचाइयों पर है उन्होंने भी भगवान बुद्ध का रास्ता अपनाया। भगवान बुद्ध का सबसे बड़ा संदेश है। स्वयं के लिए दीपक बनें, अप्प दीपो भवः। इस संदेश ने समाज में परिवर्तन लाने का काम किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="500" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.45-1024x500.jpeg" alt="" class="wp-image-310795" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.45-1024x500.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.45-300x147.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.45-768x375.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.45-1536x751.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.45.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अखिलेश यादव ने बौद्ध भिक्षुओं से कहा कि यह संकट का समय है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के दिए हुए संविधान और लोकतंत्र को कुछ ताकतें लगातार खतरा पैदा कर रही है। हमें भरोसा है इस लड़ाई में हमारे सभी पूज्यनीय आदरणीय बौद्ध भिक्षु हम सबको आशीर्वाद देंगे और कामयाब होने की शुभकामना देंगे।</p>



<p>अखिलेश यादव ने बौद्ध भिक्षुओं को भरोसा दिलाया कि समाजवादी सरकार में लुम्बिनी, सारनाथ और कुशीनगर के विकास के लिए विशेष योजनाएं लाएंगे। जिससे भगवान बुद्ध के रास्ते पर चलने वाले बहुजन समाज को दुनिया से और जोड़ा जा सके।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="654" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.46-1024x654.jpeg" alt="" class="wp-image-310796" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.46-1024x654.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.46-300x192.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.46-768x491.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.46-1536x981.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.46.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में कुशीनगर में एक बहुत बड़ी मैत्रेय परियोजना शुरू की गयी थी। श्रीलंका और दुनिया के दूसरे हिस्से के लोग और बौद्ध भिक्षु उसमें योगदान देना चाहते थे, वे सब मिले थे। समाजवादी पार्टी सरकार में सही मुआवजा देकर किसानों को संतुष्ट कर जमीन ली गयी थी। अगर मैत्रेय योजना पूरी हो जाती है तो वह देश का महत्वपूर्ण स्थान बन जाता, वहां दुनिया भर से लोग आते है और भगवान बुद्ध के रास्ते पर चलने का संकल्प लेते।</p>



<p>भाजपा सरकार में वह योजना आधी-अधूरी रह गयी। इस सरकार ने उस परियोजना को आगे नहीं बढ़ने दिया, जो जमीन ली गयी थी उसे किसी और को बांट दिया। समाजवादी पार्टी की सरकार में दुनिया से जोड़ने के लिए कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार किया गया था जो लोग बेचने के लिए सिर्फ उद्घाटन करते है, वे अभी नहीं बेच पाये है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="660" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.58-1024x660.jpeg" alt="" class="wp-image-310797" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.58-1024x660.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.58-300x194.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.58-768x495.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.58-1536x991.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.58.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>यादव ने कहा कि कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय शहर भी बनेगा और अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट भी चलेगा। अखिलेश यादव ने बौद्ध भिक्षुओं के आशीर्वाद के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की।</p>



<p>इससे पूर्व भंते अनिरूद्ध बौद्ध ने संघदान कार्यक्रम के लिए अखिलेश यादव को बधाई देते हुए कहा कि यह बहुत बड़ा कार्यक्रम है। आज प्रदेश के सभी 75 जिले से और मध्य प्रदेश से भंते आए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने आज बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का जन्म जहां हुआ वह बुद्ध अर्थात ज्ञान की नगरी है। ज्ञान की नगरी से श्रद्धेय नेताजी मुलायम सिंह यादव द्वारा समाजवादी विचारधारा का आंदोलन चलाया। वह पूरे देश में दौड़ा। नेताजी और अखिलेश यादव ने शोषित, पीड़ित और बहुजनों की आवाज बुलंद की। भगवान बुद्ध ने महिलाओं के लिए जो काम किया था वही नेता जी ने किया। नेताजी को जब सरकार में मौका मिला तो उन्होंने नगर विकास ग्राम पंचायत, नगर पंचायत में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की। यह बहुत बड़ा ऐतिहासिक काम है। ऐसे ही आने वाले समय में जब समय मिलेगा अखिलेश यादव जी भी करेंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="520" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.49-1024x520.jpeg" alt="" class="wp-image-310798" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.49-1024x520.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.49-300x152.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.49-768x390.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.49-1536x780.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.49.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>भंते अनिरूद्ध बौद्ध ने कहा कि 1931 की जनगणना के अनुसार देश में ओबीसी की आबादी 52 फीसदी है। 52 फीसदी आबादी वाले समाज की लोकसभा में जनसंख्या के आधार पर 543 में से सीटे 282 होती है। अगर अल्पसंख्यकों को जोड़ लिया जाय तो 44 है। अगर ऐसा हो तो बौद्धों, सिखो, इसाईयों को भी सम्मान मिलेगा। बौद्धों का अभी कोई सांसद नहीं है। जब हम लोग पीडीए को सत्ता में पहुंचाएंगे तो बहुत बड़ी क्रांति होगी। आने वाले 2027 में बहुत बड़ा परिवर्तन होगा।</p>



<p>भंते ने कहा कि भिक्षु लोग पीडीए पंचायत में जाएं, लोगों को समझाएं, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं है। आरएसएस में बहन-बेटियों का सम्मान नहीं है। आरएसएस का एजेंडा बहन-बेटियों को अपमानित करने का रहा है। आरएसएस कभी महिलाओं के पक्ष में नहीं रहा। अभी महिला आरक्षण को लेकर आरएसएस झूठ फैला रहा है। हम गांव-गांव जाकर जनता को साथ बताएं। भाजपा आरएसएस के झूठ को बेनकाब करें।</p>



<p>अनिरुद्ध बौद्ध ने 31 मई 2026 से धम्म यात्रा निकालने की घोषणा करते हुए अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि हम सभी को समाजवादी पार्टी को वोट देना है। साइकिल का बटन दबाना है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="692" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.52-1024x692.jpeg" alt="" class="wp-image-310799" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.52-1024x692.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.52-300x203.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.52-768x519.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.52-1536x1039.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.52-220x150.jpeg 220w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.11.52.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्रारम्भ में बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणम् गच्छामि के पाठ के साथ पंचशील की विवेचना में बताया गया कि इसमें संकल्प है कि विवाद नहीं करूंगा, किसी की हत्या नहीं करूंगा, चोरी नहीं करेंगे। कामाचार, दुराचार से विरत रहूंगा सबका जन्मदाता एक है, सभी एक प्रभु की संतान है, सत्य बोलेंगे, असत्य और चुगली करने से बचेंगे और किसी नशे का सेवन नहीं करेंगे। नशा नाश का कारण है। बुद्ध पूर्णिमा के इस आयोजन में आए भंतो तथा जनसामान्य के लिए गौतम रावत तथा सनी रावत द्वारा भंडारा आयोजित किया गया। जिसकी शुरुआत अखिलेश यादव ने किया।</p>



<p>अखिलेश यादव ने भंते लोगों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। भंते संघ दीप कुशीनगर ने भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा भेंट की।</p>



<p>बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती के साथ राजेन्द्र कुमार विधायक तथा समाजवादी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल भारती कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="681" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.12.00-1024x681.jpeg" alt="" class="wp-image-310800" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.12.00-1024x681.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.12.00-300x200.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.12.00-768x511.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.12.00-1536x1021.jpeg 1536w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-01-at-19.12.00.jpeg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>समाजवादी पार्टी मुख्यालय में सर्वश्री भन्ते अनुरूद्ध बोधि सुजाना बुद्धविहार एण्ड ट्रेनिंग सेंटर कानपुर देहात, भन्ते प्रज्ञा ज्योति पता छतोरा बाराबंकी, भन्ते धम्मचन्द फूल लिई पता उयपुर कन्नौज, मिवकुणी धम्मविशाखा सीतापुर, भन्ते चन्दीप शैरी औरया/करहल मैनपुरी, राग भिता कारगगंज के कोटा, नपुच भत्र मदीप मयखनपुर करहल मैनपुरी, भूत जयवर्धन दीप इटावा जसवन्त नगर, भन्ते आना-दवधन लखनऊ, भन्ते शीलांकर कुर्मी बाराबंकी, धम्मप्रकाश, नागसेन, सिची ली सीतापुर, शील सागर सीतापुर, मंगल राम लखनऊ, नरहापुर सितार, विनय कीर्ती पकवा बाराबंकी, शीलरत्न शिवराजपुर लखनऊ, शीलसागर बारावंकी, संघशील बाराबंकी, भन्ते ज्ञान ज्योति भदोही, भन्ते हर्ष बर्धन सोनभद्र, भन्ते करुणा शील मिर्जापुर, भन्ते धम्म पाल रामबरेली, भन्ते शील वचन गाजीपुर, भन्ते बुद्ध वंश मुजफ्फरखान, भन्ते नाग हौक बल मिर्जापुर, भन्ते महाकाल मिर्जापुर, भन्ते दीप ज्योति वाराणसी, भन्ते शीलपाल बलिया, भन्ते धम्मपाल बलिया, भन्ते धम्म्म वंश अमेठी, मिबंकुणी प्रशीला, बरेली भन्ते धम्मदीप, बरेली भन्ते धर्मदीप, बरेली भन्ते प्रज्ञादीप, भन्ते शान्तीनमा लखीमपुरखीरी, भन्ते बुद्धकीर्ति बाराबंकी, भन्ते पैसादीप लखीमपुरखीरी, प्रियशील बदायू, संघ मिश्रा इटावा, भन्ते नगल रतन सीतापुर सतापुर, भन्ते सूर्य बोधि साँधी झाँसी, भन्ते गौरव बोधि झाँसी, भन्ते सिद्धार्थ बोधि झाँसी, आरद्धा बोधि, भिककुणी बुद्ध शीला सीतापुर, अनुजोल रतन सीतापुर, भन्ते करुणा सागर, भन्ते धम्मप्रिय्म, भन्ते जितेन्द्र वर्धन रायबरेली, भन्ते धम्मपाल पाल रायबरेली, धम्मपाल मैनपुरी, राष्ट्रपाल हरदोई, करुनाकर सन्दोली, आनन्द सोनभद्र, नागसेन, धम्म चिंतक मुरादाबाद, संघरत्न उन्नाव, रतन दीप औरैया, की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा सर्वश्री सत्य प्रकाश सोनकर प्रमुख महासचिव, राकेश रंजन महासचिव, राजेश सरोज उपाध्यक्ष, विष्णु गौतम उपाध्यक्ष, डॉ. रघुवीर चौधरी उपाध्यक्ष, सतेन्द्र कुमार पानू उपाध्यक्ष, रामबाबू सुदर्शन, रणवीर सिंह, महावीर सिंह जाटव, रवीन्द्र यादव मेराज अहमद, शनि रावत, ममता रावत, सुमन भार्गव, राजू पासी, लता सागर देवकली प्रसाद रावत, राकेश रंजन, राजेश सरोज, विष्णु गौतम ,<br>किरण वर्मा, डॉ रघुवीर चौधरी, सत्येंद्र कुमार पाण्डु, रणवीर सिंह, सतीश गौतम, महावीर सिंह जाटव, मेराज अहमद, श्रवण पटेल, सचिन कोरी, योगेंद्र आर्य, आरके प्रसाद, सनी रावत, ममता रावत, रामबाबू भारती, जितेंद्र रावत, विजेंद्र भारती, सुमन भार्गव, पूनम चंद्र, उत्कर्ष पटेल, संतोष रावत, राजू पासी, राममूर्ति चौरसिया, मोहम्मद आफताब आलम, बिहारी लाल यादव, महेंद्र यादव, विशाल कुमार, सूबेदार पासी, अनिरुद्ध यादव, अनुज पाल, देवेंद्र कुमार सोरिखिया, राजा बाला रावत भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।</p>
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		<title>सोनी पल पर शुरू हो रही साहस और भक्ति की एक दिव्य कहानी : &#8216;संकट मोचन हनुमान&#8217;</title>
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		<pubDate>Tue, 28 Apr 2026 13:06:19 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-28-at-18.22.36-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-310609" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मुंबई : </strong>भारत का लोकप्रिय फ्री-टू-एयर एंटरटेनमेंट चैनल सोनी पल, जो अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है, ने गर्व और उत्साह के साथ संकट मोचन हनुमान के प्रसारण की घोषणा की है। यह एक कालजयी पौराणिक धारावाहिक है, जो पीढ़ियों से लोगों को प्रेरित करता रहा है। सोनी पल पर इसके शुरू होने के साथ दर्शकों को भगवान हनुमान की साहसिक यात्रा को एक बार फिर नए अंदाज में देखने का अवसर मिलेगा।</p>



<p>इस महाकाव्य के केंद्र में भक्ति, शक्ति और साहस के सच्चे &#8216;सुपरहीरो&#8217; भगवान हनुमान हैं। उनकी जीवन यात्रा वीरता और अटूट निष्ठा से भरी है, जो हर पीढ़ी के दर्शकों को गहराई से जोड़ती है और उन्हें आस्था, धर्म व निस्वार्थ सेवा जैसे शाश्वत मूल्यों की याद दिलाती है। यह कहानी भगवान हनुमान की उस अद्भुत यात्रा को दिखाती है, जहाँ वे निडर रक्षक के रूप में सामने आते हैं। भगवान राम के प्रति उनकी भक्ति असीम है और बुराई के खिलाफ उनका साहस बेजोड़ है। शानदार दृश्यों और दमदार कहानी के साथ यह सिर्फ एक धारावाहिक नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक अनुभव है, जो दिल और आत्मा को छू जाता है।</p>



<p>इस धारावाहिक की शानदार स्टार कास्ट ने इन पौराणिक किरदारों को पूरी सच्चाई और जीवंतता के साथ पर्दे पर उतारने का काम किया है। गगन मलिक भगवान राम के रूप में गरिमा और मर्यादा को दर्शाते हैं; देब्लिना चटर्जी, माता सीता की करुणा और शक्ति को खूबसूरती से प्रस्तुत करती हैं। वहीं निर्भय वाधवा भगवान हनुमान की दिव्य ऊर्जा को जीवंत करते हैं और सौरव गुर्जर रावण के रूप में दमदार अभिनय करते नजर आते हैं। ये सभी कलाकार मिलकर एक ऐसी दुनिया रचते हैं, जो जादुई होने के साथ-साथ हमारी परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है।</p>



<p>भगवान हनुमान को परम रक्षक और दिव्य सुपरहीरो के रूप में प्रस्तुत करने वाला संकट मोचन हनुमान, अपने शाश्वत संदेश और यादगार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने का वादा करता है।</p>



<p>सोनी पल दर्शकों को इस दिव्य यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है, जहाँ भगवान हनुमान की गाथा एक बार फिर टीवी स्क्रीन पर लौट रही है, जो पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली, प्रेरणादायक और प्रासंगिक है।</p>



<p>यह शो 4 मई से रात 9 बजे, दर्शकों को हनुमान जी की कहानी को फिर से जीने और भक्ति की भावना को दोबारा महसूस करने का मौका देगा।</p>
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		<title>अक्षय तृतीया पर गौतम अदाणी ने तारंगा जैन मंदिर में की पूजा-अर्चना</title>
		<link>https://suryodaybharat.com/gautam-adani-offered-prayers-at-taranga-jain-temple-on-akshaya-tritiya/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 19 Apr 2026 11:35:54 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[अन्य प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / मेहसाणा : अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनकी पत्नी डॉ. प्रीति अदाणी ने रविवार, 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गुजरात के तारंगा पहाड़ियों में स्थित श्री अजितनाथ भगवान श्वेतांबर जैन देरासर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। गौतम अदाणी और डॉ. प्रीति अदाणी &#8230;</p>
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<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ / मेहसाणा : अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनकी पत्नी डॉ. प्रीति अदाणी ने रविवार, 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गुजरात के तारंगा पहाड़ियों में स्थित श्री अजितनाथ भगवान श्वेतांबर जैन देरासर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। गौतम अदाणी और डॉ. प्रीति अदाणी लगभग सुबह 7:45 बजे मेहसाणा जिले के खेरालू तालुका स्थित दाभोड़ा हेलीपैड पहुंचे। यहां जैन समुदाय के सदस्यों ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद वे तारंगा पहाड़ियों में स्थित तीर्थस्थल के लिए रवाना हुए। अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रद्धालु सुबह से ही बड़ी संख्या में एकत्र होने लगे थे, क्योंकि यह दिन धार्मिक परंपराओं में अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है।</p>



<p>यह मंदिर जैन धर्म के दूसरे तीर्थंकर भगवान श्री अजितनाथ को समर्पित है। इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था और इसे सोलंकी शासक राजा कुमारपाल से भी जुड़ा माना जाता है। यह स्थल जैन समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित तीर्थस्थल है।</p>



<p>गौतम अदाणी ने मंदिर के गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में कुछ समय बिताया। उन्होंने मंदिर परिसर में कैंटीन का दौरा किया, जहां तीर्थयात्री दर्शन के दौरान एकत्र होते हैं।</p>



<p>दर्शन के दौरान गौतम अदाणी ने मंदिर ट्रस्टी सचिन अशोकभाई शाह से मुलाकात की। इस बैठक में तीर्थयात्रियों की सुविधाओं में सुधार के पर चर्चा हुई। बातचीत का केंद्र बिंदु मंदिर तक पहुंच, आधारभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना रहा, साथ ही मंदिर की वास्तुकला, विरासत और आध्यात्मिक गरिमा को संरक्षित रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="927" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-19-at-19.30.52-1024x927.jpeg" alt="" class="wp-image-310235" srcset="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-19-at-19.30.52-1024x927.jpeg 1024w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-19-at-19.30.52-300x271.jpeg 300w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-19-at-19.30.52-768x695.jpeg 768w, https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-19-at-19.30.52.jpeg 1040w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>यह यात्रा हाल के दिनों में हुए धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला का हिस्सा है। अदाणी ग्रुप तारंगा पहाड़ियों में पेड़ लगाने के प्रयासों में मदद कर रहा है। यह पहल इस पवित्र स्थल इकोसिस्टम को फिर से स्थापित करने और प्राकृतिक संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए की जा रही है।</p>



<p>अक्षय तृतीया को हिंदू और जैन पंचांग में सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। यह दिन समृद्धि, नए आरंभ और दान-पुण्य से जुड़ा है। जैन परंपरा में यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन ऋषभनाथ ने लंबे उपवास के बाद अपना पहला आहार ग्रहण किया था, जिससे साधुओं को आहार दान की परंपरा की शुरुआत मानी जाती है।</p>



<p>इससे पहले, इसी महीने की शुरुआत में हनुमान जयंती के अवसर पर गौतम अदाणी और उनके परिवार ने अयोध्या के राम मंदिर में भी पूजा-अर्चना की थी, जो भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है।</p>
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		<title>भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से करें रामलला संग काशी विश्वनाथ सहित महत्वपूर्ण सनातनी धार्मिक स्थलों के दर्शन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Suryoday Bharat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 17:50:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[अर्थव्यवस्था]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जयपुर : भारतीय रेलवे के उपक्रम इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने श्रद्धालुओं की अपार मांग को ध्यान में रखते हुए पुरी गंगासागर अयोध्या धाम यात्रा ट्रेन चलाने का फैसला किया है I यह यात्रा दिनांक 09/05/2026 को श्री गंगानगर से रवाना होकर वाया हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, रिंगस, जयपुर, &#8230;</p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://suryodaybharat.com/wp-content/uploads/2026/04/WhatsApp-Image-2026-04-14-at-21.33.31-1024x576.jpeg" alt="" class="wp-image-309973" /></figure>



<p><strong>सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जयपुर : </strong>भारतीय रेलवे के उपक्रम इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने श्रद्धालुओं की अपार मांग को ध्यान में रखते हुए पुरी गंगासागर अयोध्या धाम यात्रा ट्रेन चलाने का फैसला किया है I</p>



<p>यह यात्रा दिनांक 09/05/2026 को श्री गंगानगर से रवाना होकर वाया हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, रिंगस, जयपुर, भरतपुर, मथुरा, आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी और कानपुर से सवारियां लेती हुई जाएगी । इस यात्रा की अवधि 11 दिन की है जिसमे पुरी में जगन्नाथ धाम, कोणार्क का सूर्य मंदिर, गंगासागर तीर्थ, कोलकाता के काली घाट मंदिर, जसडीह में बैधनाथ धाम, गया में महाबोधी मंदिर व विष्णुपद मंदिर, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा आरती व अन्य स्थानीय मंदिर तथा अयोध्या में रामलला मंदिर व हनुमानगढ़ी तीर्थ जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण सनातनी धार्मिक स्थलों के दर्शन का मौका मिलेगा।</p>



<p>आईआरसीटीसी, जयपुर के अपर महा प्रबंधक प्रबंधक श्री योगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि यह भारत गौरव टूरिस्ट ट्रैन कई प्रकार की सुविधाओं जैसे तृतीय श्रेणी इकॉनमी वातानुकूलित कोच, आधुनिक किचन-कार, बायो -टॉयलेट्स इत्यादि से सुसज्जित होगी। यात्रियों की सुविधाओं एवं बजट के अनुसार यात्रा को दो श्रेणियों स्टैण्डर्ड व कंफर्ट केटेगरी में विभाजित किया गया है।</p>



<p>स्टैण्डर्ड केटेगरी का मूल्य 27,890/- रखा गया है जिसमे एसी ट्रैन यात्रा, रात्रि विश्राम के लिए नॉन- एसी आवास तथा लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए नॉन- एसी बसों की व्यवस्था रहेगी । कंफर्ट केटेगरी का मूल्य 32,065/- रखा गया है जिसके अंतर्गत एसी ट्रैन के साथ रात्रि विश्राम के लिए एसी आवास एवं लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए एसी बसों की सुविधा मिलेगी।</p>



<p>यह यात्रा दिनांक 09/05/2026 को श्री गंगानगर से रवाना होकर दिनांक 11/05/2026 को गया पहुँच जाएगी जहाँ यात्रियों को महाबोधी मंदिर व विष्णुपद मंदिर के दर्शन करवाए जायेंगे, दर्शन के पश्चात ट्रैन पुरी के लिए रवाना होगी । दिनांक 12/05/2026 को ट्रैन पुरी पहुंच जाएगी जहाँ यात्रियों को जगन्नाथ धाम के दर्शन करवाए जायेंगे एवं रात्रि विश्राम पुरी में रहेगा । दिनांक 13/05/2026 कोणार्क के सूर्य मंदिर के दर्शन के पश्चात ट्रैन कोलकाता के लिए रवाना होगी । दिनांक 14/05/2026 को ट्रैन कोलकाता पहुंचेगी एवं यात्रियों को बसों के द्वारा गंगासागर ले जाया जायेगा जहाँ यात्री गंगासागर तीर्थ के दर्शन पश्चात रात्रि विश्राम करेंगे दिनांक 15/05/2026 को यात्रियों को कोलकाता ले जाया जायेगा जहाँ यात्रियों को काली घाट मंदिर के दर्शन करवाए जायेंगे एवं दर्शन पश्चात जसडीह प्रस्थान के लिए स्टेशन ले जाया जायेगा । दिनांक 16/05/2026 को ट्रैन जसडीह पहुंचेगी जहाँ यात्रियों को बैधनाथ धाम के दर्शन करवाए जायेंगे एवं दर्शन पश्चात वाराणसी प्रस्थान के लिए स्टेशन ले जाया जायेगा । दिनांक 17/05/2026 को ट्रैन वाराणसी पहुंचेगी जहाँ यात्रियों को काशी विश्वनाथ मंदिर एवं कॉरिडोर, अन्नपूर्णा देवी मंदिर एवं श्रीगंगा आरती के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रियों का रात्रि विश्राम वाराणसी में ही होगा । दिनांक 18/05/2026 को ट्रैन वाराणसी से रवाना होकर अयोध्या पहुंचेगी जहाँ यात्री नवनिर्मित रामलला मंदिर के साथ हनुमानगढ़ी के दर्शन कर सकेंगे । दर्शन के बाद ट्रेन रात्रि में दिनांक 18/05/2026 को ही ट्रैन वापस श्री गंगानगर के लिए रवाना होगी एवं दिनांक 19/05/2026 को यात्रा की समाप्ति होगी । यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि किसी भी व्यक्ति का इस यात्रा में शामिल सभी धार्मिक स्थलों का एक साथ दर्शन कर पाना असंभव के बराबर है अतः यह टूर पैकेज दर्शनाभिलाषी यात्रियों के लिए एक सुनेहरा मौका है ।</p>



<p>कन्फर्म बर्थ के साथ-साथ होटल-आवास, भोजन सुविधा (ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर), पेयजल सुविधा और लोकल ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा भी प्रदान करवाई जाएगी I इंस्युरेन्स के साथ सरकार/पीएसयू के कर्मचारी इस यात्रा पर वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर पात्रता के अनुसार एलटीसी सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं।</p>



<p>यात्री इस पैकेज की विस्तृत जानकारी व्हाट्सएप्प नंबर 9001094705, 8595930998 से भी प्राप्त कर सकते हैं I इन पैकेज की बुकिंग सुविधा आई.आर.सी.टी.सी. की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है I इसके अलावा आईआरसीटीसी क्षेत्रीय कार्यालय: पहली मंजिल, जीवन प्रकाश बिल्डिंग, अम्बेडकर सर्किल, भवानी सिंह रोड, जयपुर (राजस्थान) में आकर भी करवा सकते है I सम्बंधित विवरण फ़ोन न. 9001094705, 8595930998 से भी लिया जा सकता है I</p>



<p>आई. आर. सी. टी. सी. क्षेत्रीय कार्यालय : पहली मंजिल, जीवन प्रकाश बिल्डिंग, अम्बेडकर सर्किल, भवानी सिंह रोड, जयपुर (राजस्थान)<br>मो. न.: 9001094705, 8595930998</p>



<p>मुकेश सैनी,<br>मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक,<br>आईआरसीटीसी क्षेत्रीय कार्यालय,<br>जयपुर</p>
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