
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : वर्ष 2025 में आयोजित 60 दिवसीय रिवर योग अभियान की उल्लेखनीय सफलता के बाद, गोमती टास्क फोर्स, 137 कम्पोजिट इकोलॉजिकल टास्क फोर्स बटालियन (प्रादेशिक सेना) 39 गोरखा राइफल्स, लखनऊ नगर निगम (LMC) तथा बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के सहयोग से 12 जून से 21 जून 2026 तक कुदिया घाट, गोमती नदी, लखनऊ में 10 दिवसीय रिवर योग 2026 अभियान का आयोजन कर रही है।

“स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग, स्वस्थ गोमती के लिए योग” विषय पर आधारित यह अभियान व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास है। दैनिक योग सत्रों एवं जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से अभियान का उद्देश्य गोमती नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण एवं सतत प्रबंधन के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
कुदिया घाट के प्राकृतिक एवं मनोहारी परिवेश में आयोजित यह पहल स्थानीय समुदायों, विद्यार्थियों, बच्चों, पर्यावरण प्रेमियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाकर स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के प्रति सामूहिक संकल्प को सुदृढ़ कर रही है।

इस अवसर पर प्रो. वेंकटेश दत्ता, अध्यक्ष, पर्यावरण विज्ञान विभाग, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, ने कहा, “नदियाँ जीवंत पारिस्थितिक तंत्र हैं और उनका संरक्षण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। रिवर योग व्यक्तिगत स्वास्थ्य को पर्यावरणीय उत्तरदायित्व से जोड़ने वाली एक अभिनव पहल है, जो नागरिकों को गोमती नदी के पुनर्जीवन और उसके सतत प्रबंधन में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित करती है।”

गोमती टास्क फोर्स के मेजर कंवरदीप सिंह नागी ने कहा, “वर्ष 2025 के 60 दिवसीय रिवर योग अभियान से प्राप्त जनसमर्थन और उत्साह को आगे बढ़ाते हुए, रिवर योग 2026 लोगों और नदी के बीच संबंध को और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास है। योग एवं जन-जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से हम समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा गोमती नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए सामूहिक रूप से आगे आने हेतु प्रेरित करना चाहते हैं।”

समय के साथ रिवर योग एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है, जो मानव स्वास्थ्य और नदियों के स्वास्थ्य के बीच अटूट संबंध को रेखांकित करता है। यह पहल भारतीय सेना की सामुदायिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के प्रति सतत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
