अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर संतोषी अखाड़ा में सम्पन्न हुई विमर्श बैठक

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : 21 जून विश्व योग दिवस के संदर्भ में सन्तोषी अखाड़ा में एक बृहद बैठक आयोजित की गई। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का विषय “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम पर इस बार योग कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। जिसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखना, सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना और उम्र के हर पड़ाव में चुस्त-दुरुस्त रहना है ।

दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा चित्रकूट की सभी प्रमुख संस्थाओं, संत महात्माओंं एवंं सामाजिक कार्यकर्त्ताओं व आमजन के सहयोग से नगर के साथ-साथ ग्रामीण स्वावलम्बन केन्द्रों पर भी योग की बात पहुंच सके इसके लिये 11 से 13 जून तक योग प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आरोग्यधाम परिसर में दिया जाएगा।

संतोषी अखाड़ा में आयोजित इस बैठक में महंत श्री राम जी दास संतोषी अखाड़ा, महंत श्री दीनदयाल जी निर्मोही अखाड़ा , महंत श्री गोविंद दास जी भागवत धाम आश्रम,महंत माधव दास जी करहल आश्रम, महंत राम लखन दास जी सुदामा कुटी , महंत योगेंद्र दास जी बड़े हनुमान मंदिर, महंत रामनिहोर दास जी, महंत राम मनोहर दास भरत मिलाप, डॉ विपिन विराट कामदगिरि परिक्रमा आरती परिक्षेत्र एवम अन्य साधु संत, नवनियुक्त अध्यक्ष चित्रकूट विशेष क्षेत्र प्राधिकरण सतना विजयपाल यादव , अभय महाजन राष्ट्रीय संगठन सचिव दीनदयाल शोध संस्थान, अपराजित शुक्ला सचिव दी शो सं, डॉ भरत मिश्रा पूर्व कुलगुरु महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, सुश्री साधना पटेल अध्यक्ष नगर पंचायत चित्रकूट, महाप्रबंधक दी शो सं डॉ अनिल जायसवाल सहित सभी प्रकल्पों के प्रकल्प प्रमुख, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कार्यकर्ता एवं चित्रकूट नगर के सभी गणमान्य नागरिक, 12 संकुलों एवम 108 केंद्रों के प्रभारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

चित्रकूट क्षेत्र में योग की जो संरचना बनी है, उसमें जन भागीदारी को सुनिश्चित करने हेतु नगर क्षेत्र के लगभग 108 स्थानों पर योगाभ्यास किया जाएगा। योगाभ्यास के लिए जो स्थान चिन्हित किए गए उसमें चित्रकूट क्षेत्र के सभी प्रमुख मंदिर एवं सामाजिक संस्थाओं सहित विभिन्न विभाग शामिल हैं। सभी स्थानों को 12 संकुल में बांटा गया है। उपरोक्त स्थानों पर 11 जून से 13 जून तक आरोग्यधाम में प्रशिक्षित होने वाले प्रशिक्षकों द्वारा चिन्हित स्थानों पर योग शिविर लगाए जाएंगे। सभी चिन्हित स्थानों पर 14 जून से 20 जून तक सुबह 6 से 7 बजे तक प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा प्राणायाम, मुद्राभ्यास, सन्धियोग, योगासन और सूर्य नमस्कार की सभी क्रियायें एवं आसन कराये जायेंगे।

डीआरआई के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने बताया कि इस कार्यक्रम की दृष्टि से चित्रकूट नगर की सभी प्रमुख संस्थाओं और मठ मंदिरों के प्रमुख कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सभी गणमान्य नागरिकों की बैठक संतोषी अखाड़ा सभागार में आयोजित की गई है, जिसमें सभी ने सामूहिक रूप से तय किया है कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी अलग-अलग स्थानों पर योग शिविरों का आयोजन किया जाएगा। योग दिवस के माध्यम से चित्रकूट में कुछ केन्द्र ऐसे तैयार हो जहाँ वर्ष भर नियमित योगाभ्यास चले।

जन भागीदारी को सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से स्वावलम्बन ग्रामीण केंद्रों के अतिरिक्त चित्रकूट क्षेत्र में 108 स्थानों पर योग शिविर आयोजित करने की योजना रचना तैयार की गई है। ताकि प्रत्येक घर तक योग का संदेश पहुंचे।

महन्त श्री राम जी दास महाराज ने कहा कि चित्रकूट के योग दिवस कार्यक्रम की राष्ट्रीय पहचान बने इसके लिए हम सभी सामूहिक प्रयत्न करें। डॉ विपिन विराट ने कहा कि योग जो हमारी पुरातन जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा था, वह फिर से हमारी दैनिक दिनचर्या में शामिल हो सके इसके लिए सभी का सामूहिक प्रयत्न आवश्यक है।

ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु डॉ भरत मिश्रा ने बताया कि इस बार 21 जून अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का सामूहिक वृहद कार्यक्रम महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिसर में सम्पन्न होगा।

चित्रकूट विशेष क्षेत्र प्राधिकरण चित्रकूट सतना के अध्यक्ष श्री विजयपाल यादव जी द्वारा सभी सम्मानित साधु संतों का सम्मान किया गया एवं चित्रकूट क्षेत्र के विकास के सम्पूर्ण विकास के लिए सभी सम्मानित जनों के सहयोग के साथ सकारात्मक विमर्श एवम सजगता से कार्य करने की बात कही गई । सभी महंतों साधु संतों से विशेष क्षेत्र प्राधिकरण के अध्यक्ष से आग्रह किया कि चित्रकूट के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किये बिना अयोध्या एवम वाराणसी की तरह चित्रकूट का विकास हो साथ ही माँ मंदाकिनी की अविरल ,निर्मल , सदानीरा बनाये रखने हेतु शीघ्र कार्य प्रारंभ किये जायें एवं चित्रकूट के विकास में चौरासी कोस को सम्मलित करते हुए कार्य हों। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को भव्य बनाने एवम अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने हेतु पूर्व में व्यवस्था बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।

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