
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली : भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (यातायात) , भारतीय रेलवे सुरक्षा बल सेवा और भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (लेखा) के प्रशिक्षु अधिकारियों के एक समूह ने सोमवार 20.04.26 को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
रेलवे सेवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश का एक बड़ा हिस्सा हर दिन रेल का इस्तेमाल करता है। रेलवे सेवा अधिकारियों के रूप में, उन्हें हमारी गतिशीलता को बढ़ाने और इस तरह हमारी अर्थव्यवस्था के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभानी है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि रेलवे सेवाएं बड़ी संख्या में लोगों के दैनिक जीवन की गुणवत्ता निर्धारित करती हैं। उन्होंने अधिकारियों को यह ध्यान में रखने की सलाह दी कि वे राष्ट्र के लिए एक बदलाव के वाहक और सेवा प्रदाता के रूप में रेलवे की समग्र प्रभावशीलता के लिए काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने भारत के राष्ट्रपति को पिछले एक दशक में रेल बुनियादी ढांचे और अन्य सुविधाओं में हुए विकास और रेलवे की अन्य चल रही परियोजनाओं से अवगत कराया, जो आत्मनिर्भर राष्ट्र का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। दो भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (यातायात) परिवीक्षाधीन अधिकारियों , डॉ दीपशा भट्टाचार्य और प्रांजल जैन ने प्रशिक्षण का संक्षिप्त विवरण दिया तथा यह प्रण लिया कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी सेवा देने हेतु सदैव तत्पर रहेंगे।
इस अवसर पर सदस्य (वित्त), रेलवे बोर्ड, सुश्री मंजुषा जैन, महानिदेशक (एचआर), रेलवे बोर्ड, सुश्री अरुणा नायर, महानिदेशक आरपीएफ, सुश्री सोनाली मिश्रा (IPS), भारतीय परिवहन प्रबंधन संस्थान, लखनऊ के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर, आईआरआईएफएम, सिकंदराबाद की महानिदेशक सुश्री अपर्णा गर्ग और लखनऊ के जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी के आईजी सह निदेशक बी वेंकटेश्वर राव एवं रेलवे बोर्ड, नयी दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित थे।




