लखनऊ : 15 अगस्त पर लोगों में दिखा गजब का उत्साह, कहा- इस बार का स्वतंत्रता दिवस सबसे खास

अशाेक यादव, लखनऊ। 76 वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर लखनऊ भर के युवाओं महिलाओं व बुजुर्गों में गजब का उत्साह देखा गया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानसभा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान भारी तादात में लोग ध्वजारोहण देखने पहुंचे। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से विधानसभा के सामने बनी दर्शक दीर्घा में सीमित संख्या में लोगों को जाने दिया जा रहा था, वह भी जिनके पास वहां पहुंचने का पास मौजूद था।

ऐसे में हजरतगंज चौराहे पर भारी संख्या में महिलाएं,पुरुष, युवक स्वतंत्रता दिवस के दौरान निकलने वाली रैली को देखने के लिए जमा हो गए। इस अवसर पर केवल लखनऊ से ही नहीं उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से लोग विधानसभा का ध्वजारोहण देखने पहुंचे थे। आजमगढ़, गोंडा रायबरेली जैसे तमाम शहरों से लोग ध्वजारोहण देखने आए थे। इस अवसर पर महिलाएं भी भारी तादाद में स्वतंत्रता दिवस के इस महोत्सव को देखने पहुंची थी।

आजमगढ़ निवासी अंकिता सिंह ने बताया कि इस बार का स्वतंत्रता दिवस बहुत खास रहा है,मोदी जी की थीम हर घर तिरंगा ने लखनऊ में बहुत प्यारा माहौल बना दिया है।

लखीमपुर खीरी से आई दिया बताती हैं कि कोरोना के बाद हम लोग स्वतंत्रता दिवस को लेकर काफी उत्साहित थे,इस वजह से हमलोग इतनी दूर स्वतंत्रता दिवस मनाने आये हैं।

योगी से मिलने की इच्छा
आसरा बानों ने कहा कि सुबह साढ़े 6 बजे ही हम लोग हजरतगंज चौराहे पर आ गये थे,लेकिन अन्दर जाने को नहीं मिला और न ही हम लोग योगी जी से मिल पाये, इसलिए मायूसी हाथ लगी,लेकिन यहां का माहौल देखकर काफी अच्छा महसूस हो रहा है। वहीं सायरा बानो ने बताया कि इस बार का 15 अगस्त काफी अलग रहा है,बहुत ही अच्छे से मनाया गया है। लोगों में इस दिवस को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।रतीय होने पर गर्व महसूस हो रहा है।

75 किलोमीटर की यात्रा पैदल चलकर पहुंचे लखनऊ
आजादी के 75वीं वर्षगांठ पर झंडारोहण कार्यक्रम का हिस्सा बनने पहुंचे अमेठी के धर्मराज मौर्य पैदल चल कर आये थे। उन्होंने अमेठी से लखनऊ तक 75 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय की थी,लेकिन अंदर न जा पाने के चलते थोड़े मायूस थे,हालांकि राजधानी पहुंचकर काफी खुश भी थे। उन्होंने कहा कि 75वीं वर्षगांठ पर 75 किलोमीटर पैदल चलकर यहां तक पहुंचने का लक्ष्य बनाया था। जिससे आजादी का जश्न थोड़ा अलग तरह से मनाया जा सके।

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