
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजित ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस (एसआईसी-2026)’ के प्रमाणपत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए 400 से अधिक विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि आज का युग तकनीक आधारित है, जिसमें युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक कौशलों में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा तेजी से इन उन्नत तकनीकों को अपनाकर देश और दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं।

मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी दक्षता के साथ सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए अपने कौशल का उपयोग करें।
उन्होंने ‘सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ जैसी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि इससे शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में कुलपति अजय तनेजा, शुभम मुखर्जी (सीएसआर हेड, Samsung India), सरोज आपाटो (वाइस प्रेसिडेंट, Electronics Sector Skills Council of India) सहित अन्य शिक्षाविद एवं अधिकारी उपस्थित रहे।