
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, आशियाना – लखनऊ : प्रेरणास्रोत बाबा नीम करौली जी की कृपा से इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी (रजि.) द्वारा संचालित बृज की रसोई सेवा प्रकल्प के अंतर्गत आशियाना क्षेत्र में निःशुल्क पौष्टिक भोजन वितरण कार्यक्रम विधिवत एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

संस्था के संस्थापक विपिन शर्मा ने अवगत कराया कि यह सेवा प्रकल्प बाबा नीम करौली जी की असीम कृपा एवं प्रेरणा से निरंतर संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल अन्न वितरण नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक सम्मान, स्नेह और अपनत्व पहुँचाने का एक पवित्र प्रयास है। उन्होंने बताया कि जब किसी जरूरतमंद के हाथ में भोजन की थाली पहुँचती है, तो वह केवल पेट ही नहीं भरती, बल्कि आशा और विश्वास भी जगाती है। इसी भावना के साथ यह सेवा समाज में करुणा और सहयोग का संदेश दे रही है। अंत में उन्होंने सभी से इस अभियान से जुड़कर अपने सामर्थ्य अनुसार सहयोग करने की अपील की।
आशीष श्रीवास्तव ने अवगत कराया यह आयोजन संविधान में निहित समानता, गरिमा एवं सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों की भावना के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें समाज के अकिंचन, असहाय एवं वंचित वर्गों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराया गया !

वहीं अनुराग दुबे ने बताया कार्यक्रम के दौरान सेवा गतिविधियां सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं पूर्णतः शांतिपूर्ण रहीं। स्वयंसेवकों ने कर्तव्यनिष्ठा, संवेदनशीलता एवं मानवीय मूल्यों का परिचय देते हुए सेवा कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित किया। संजय श्रीवास्तव के अनुसार, बृज की रसोई एक सतत लोककल्याणकारी पहल है, जिसके माध्यम से प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से भोजन वितरण किया जाता है, जिससे जरूरतमंद वर्ग तक सम्मानजनक सहायता सुनिश्चित की जा सके। विकास पाण्डेय ने बताया इस अवसर पर संस्था द्वारा सभी सहयोगियों, दानदाताओं एवं स्वयंसेवकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की गई तथा जनसामान्य से इस प्रकार के जनहितकारी कार्यों में सहभागिता हेतु अपील की गई।
सामाजिक कार्यकर्ता राजीव पाण्डेय ने कहा कार्यक्रम ने न केवल जरूरतमंदों को तात्कालिक राहत प्रदान की, बल्कि सामाजिक समरसता, सह-अस्तित्व एवं मानवीय संवेदना के संवैधानिक आदर्शों को भी सुदृढ़ करने का कार्य किया।

गीता प्रजापति ने बताया इस सेवा कार्य में सी. एच. तिवारी, संजय श्रीवास्तव, राजीव पाण्डेय, बलवंत सिंह, आशीष श्रीवास्तव, अनुराग दुबे, अखिलेश सिंह, विकास पाण्डेय, उमाशंकर यादव, गोविन्द सिंह सहित अनेक सहभागियों की सक्रिय एवं सराहनीय भागीदारी रही, जिनके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
